Haryana: देश की राजधानी दिल्ली से राजस्थान के अलवर तक बनने वाली नमो भारत ट्रेन परियोजना को लेकर तैयारियां तेज़ हो गई हैं। इस परियोजना के पहले चरण में दिल्ली के सराय काले खां से लेकर गुरुग्राम और नीमराना-बहरोड़ (राजस्थान) तक ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इस दिशा में सरकार ने वित्तीय सलाहकार एजेंसी के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इस एजेंसी का नाम 17 नवंबर के बाद तय किया जाएगा। यह कदम परियोजना के लिए एक अहम प्रगति मानी जा रही है, जिससे कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
इस परियोजना के तहत नमो भारत ट्रेन दिल्ली के एरोसिटी से भी होकर गुज़रेगी, जो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित है। एरोसिटी स्टेशन को इस तरह विकसित किया जाएगा कि यहां से एयर, मेट्रो, रोड और नमो भारत ट्रेन — सभी माध्यमों से सुगम संपर्क स्थापित हो सके। इस पूरी परियोजना का निर्माण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) द्वारा किया जाएगा। पहले चरण में 106 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर तैयार होगा, जिसमें कुल 16 स्टेशन बनाए जाएंगे। यह कॉरिडोर दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान को जोड़ते हुए आर्थिक और औद्योगिक विकास का नया मार्ग खोलेगा।
नमो भारत ट्रेन का यह कॉरिडोर अत्याधुनिक तकनीक से बनाया जा रहा है। योजना के अनुसार, 71 किलोमीटर ट्रैक एलिवेटेड (ऊँचाई पर) और 35 किलोमीटर ट्रैक भूमिगत (अंडरग्राउंड) होगा। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि यातायात पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। परियोजना के पहले चरण के पूरा होने के बाद ट्रैक को अलवर तक बढ़ाया जाएगा। यह पूरी परियोजना न केवल दिल्ली और एनसीआर के यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि राजस्थान के औद्योगिक इलाकों जैसे नीमराना और बहरोड़ को भी तेज़ रफ्तार से जोड़ देगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लगातार इस परियोजना को मूर्त रूप देने के प्रयास में जुटे हुए हैं। उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस परियोजना पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री का कहना है कि नमो भारत ट्रेन के शुरू होने से हरियाणा और आसपास के राज्यों में औद्योगिक निवेश, रोजगार और कनेक्टिविटी में जबरदस्त वृद्धि होगी। यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। केंद्र सरकार ने पहले ही इस परियोजना को अपनी मंजूरी दे दी है और अब इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। आने वाले महीनों में इस कॉरिडोर पर ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू होते ही यात्रियों को नई तेज़ रफ्तार और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

















