Haryana: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद सीएम सैनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि डेली वेज और पार्ट टाइम कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की गई है, जो जनवरी 2025 से लागू होगी। साथ ही, 1984 के सिख विरोधी दंगा पीड़ित परिवारों के आश्रितों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से नौकरी दी जाएगी। सीएम ने बताया कि यह निर्णय विधानसभा सत्र में घोषित किया गया था, अब इसे औपचारिक मंजूरी मिल गई है। चयनित व्यक्ति को 58 वर्ष की आयु तक नौकरी से नहीं हटाया जाएगा।
बैठक में हरियाणा के शहीद सैनिकों के आश्रितों को राहत देने के लिए अनुकंपा आधारित नियुक्ति नीति में छूट देने का भी निर्णय हुआ। जो परिवार तीन साल की समय सीमा में आवेदन नहीं कर पाए थे, अब वे आवेदन कर सकेंगे। इस नीति के तहत दो शहीद सैनिकों के आश्रितों को तुरंत नियुक्त किया गया — समीर (ऑपरेशन पराक्रम, 2001) और जंगवीर तक्षक (ऑपरेशन रक्षक, 2000)। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार लगातार शहीद परिवारों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही, किसानों से जुड़ी भूमि अधिग्रहण नीति में संशोधन किया गया है ताकि वे ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से स्वेच्छा से भूमि देने पर उचित मुआवजा प्राप्त कर सकें।
टीचर ट्रांसफर पॉलिसी और स्वामित्व योजना को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने टीचर ट्रांसफर पॉलिसी 2025 को मंजूरी दी, जिसके तहत अब जोन प्रणाली खत्म कर दी गई है। शिक्षक सीधे अपनी पसंद का स्कूल चुन सकेंगे। वहीं, स्वामित्व योजना को कानूनी मान्यता दी गई है, जिसके तहत आबादी देह क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वामित्व अधिकार मिलेंगे। ड्रोन आधारित सर्वेक्षण के परिणामों को भी कानूनी मान्यता दी जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति विवादों को सुलझाने में मदद मिलेगी।
महिला श्रमिकों और उद्योगों के लिए नए प्रावधान
कैबिनेट ने ‘कारखाना (संशोधन) अध्यादेश 2025’ को मंजूरी देते हुए महिला श्रमिकों को मशीनरी पर काम करने की अनुमति दी है, बशर्ते उन्हें सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हों। ओवरटाइम की सीमा 115 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे प्रति तिमाही कर दी गई है और इसके लिए दोगुनी मजदूरी दी जाएगी। इसके अलावा, हरियाणा दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संशोधन) अध्यादेश 2025 के तहत अब पंजीकरण पूरी तरह ऑनलाइन होगा और छोटे प्रतिष्ठानों को राहत दी जाएगी। साथ ही, पंजाब ग्राम शामलात भूमि नियमों में संशोधन करते हुए 5% भूमि विकलांग व्यक्तियों के लिए आरक्षित की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि Ease of Doing Business को बढ़ावा देकर राज्य को औद्योगिक दृष्टि से सशक्त बनाया जाए।

















