Gorakhpur Link Expressway: गोरखपुर और लखनऊ को तेज रफ्तार से जोड़ने वाले गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाला यह लिंक एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि 15 मई 2025 तक बचा हुआ काम पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद मई के अंत तक इसका औपचारिक उद्घाटन हो सकता है.
भव्य उद्घाटन की तैयारी
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन भी खास तरीके से किए जाने की तैयारी है. खबर है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या फिर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इस भव्य परियोजना का लोकार्पण कर सकते हैं. इसको लेकर शासन स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं.
मात्र 4 घंटे में तय होगा गोरखपुर से लखनऊ का सफर
इस एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद गोरखपुर से लखनऊ तक की दूरी भले ही थोड़ी बढ़ेगी. लेकिन यात्रा का समय घटकर 3.5 से 4 घंटे रह जाएगा. अभी तक गोरखपुर से लखनऊ पहुंचने में ट्रैफिक के कारण 6-7 घंटे लगते थे. लेकिन अब ये सफर स्मूद, सुरक्षित और तेज हो जाएगा.Gorakhpur Link Expressway
कम्हरिया घाट पर बन रहे पुल का कार्य अंतिम चरण में
इस एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा घाघरा नदी पर बन रहे पुल से जुड़ा हुआ है. जिसका कार्य अब अंतिम चरण में है. हाल ही में जिलाधिकारी, कमिश्नर और अन्य अफसरों ने पुल निर्माण का निरीक्षण किया और निर्माण एजेंसी को 15-20 दिन में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं.
92 किमी लंबा है यह लिंक एक्सप्रेसवे
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 91.352 किलोमीटर है. यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से आजमगढ़ के सलारपुर के पास जुड़ता है. गोरखपुर की तरफ से इसकी शुरुआत NH-27 पर जैतपुर बाईपास से होती है. ये रूट रणनीतिक रूप से पूर्वांचल के कई जिलों को राजधानी से जोड़ता है.
कनेक्ट होंगे ये जिले, बढ़ेगी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से निम्न जिलों को राजधानी लखनऊ से सीधे जोड़ने का काम होगा:
गोरखपुर
संतकबीरनगर
अम्बेडकरनगर
आजमगढ़
अभी तक इन जिलों से लखनऊ की ओर जाने के लिए अयोध्या, बस्ती होते हुए जाना पड़ता था. हां ट्रैफिक और समय दोनों की खपत अधिक होती थी. अब इस एक्सप्रेसवे से सफर तेज और सुगम हो जाएगा.
लिंक एक्सप्रेसवे से थोड़ी बढ़ेगी दूरी
गौर करने वाली बात यह है कि यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से लखनऊ की दूरी को लगभग 30 किलोमीटर बढ़ा देगा. लेकिन फिर भी बेहतर सड़क, कम ट्रैफिक और तेज गति की वजह से यह रास्ता समय की बचत करेगा. यानि सफर भले लंबा हो. लेकिन यात्री पहले से ज्यादा जल्दी पहुंच सकेंगे.
7283 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है यह प्रोजेक्ट
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना पर कुल खर्च ₹7283 करोड़ रुपये आने का अनुमान है. इसमें जमीन अधिग्रहण, निर्माण, पुल, फ्लाईओवर, रैंप, सर्विस रोड और अन्य सुविधाएं शामिल हैं. एक्सप्रेसवे को हाई-स्पीड और फोरलेन के रूप में तैयार किया जा रहा है, जो भविष्य में छह लेन तक विस्तार योग्य होगा.
डायवर्जन की परेशानी सिर्फ कुछ स्थानों पर
एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद कुछ स्थानों पर डायवर्जन की स्थिति बनी रहेगी. जहां अंतिम काम या पुल कनेक्टिविटी शेष है. हालांकि अधिकारियों का दावा है कि ये अस्थायी समस्याएं होंगी और जल्दी ही पूरा कॉरिडोर फुल ऑपरेशनल कर दिया जाएगा.

















