Namo Bharat Station: गाजियाबाद के नए बस अड्डे पर अब यात्रियों को सड़क पार करने की मशक्कत से राहत मिलने वाली है. यहां नमो भारत स्टेशन और मेट्रो स्टेशन को जोड़ने के लिए एक फुट ओवर ब्रिज (FOB) बनाया जा रहा है, जिसमें खासतौर पर ट्रैवेलेटर (चलती सीढ़ियां) लगाई जाएंगी. इसका मकसद है यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवाजाही देना. जिससे वे ट्रैफिक में फंसे बिना मेट्रो स्टेशन तक आसानी से पहुंच सकें.
दिसंबर 2025 तक शुरू हो जाएगा नया कनेक्टिविटी कॉरिडोर
यह सुविधा दिसंबर 2025 तक यात्रियों के लिए खोल दी जाएगी. गाजियाबाद का नया बस अड्डा पहले ही भारी भीड़ और तेज यातायात का केंद्र है. ऐसे में सड़क पार करना यहां हमेशा एक जोखिम भरा काम रहा है. खासकर वे यात्री जो नमो भारत ट्रेन से मेट्रो स्टेशन तक जाना चाहते हैं, उन्हें बीच में सड़क पार करनी पड़ती है. अब ये समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी.
सड़क पर जान जोखिम में डालने से मिलेगी राहत
अब तक यात्रियों को शहीद स्थल न्यू बस अड्डा मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने के लिए खतरनाक रूप से भीड़भाड़ वाली सड़कें पार करनी पड़ती थीं. इस बात को ध्यान में रखते हुए मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन के तहत यह एफओबी बनाया जा रहा है जो नमो भारत स्टेशन और मेट्रो को सीधे जोड़ेगा. इससे यात्रियों को न सिर्फ सुविधा मिलेगी. बल्कि सड़क हादसों की संभावना भी कम हो जाएगी.
300 मीटर लंबा ब्रिज, पैदल चलने की नहीं जरूरत
इस ब्रिज की सबसे खास बात यह होगी कि यह करीब 300 मीटर लंबा और 6.5 मीटर चौड़ा होगा. इसमें लगाए जाएंगे ट्रैवेलेटर्स, जो यात्रियों को बिना अधिक चलाए मेट्रो स्टेशन तक ले जाएंगे. बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे जो अब तक कठिनाई महसूस करते थे. उन्हें बेहद राहत मिलेगी.
नमो भारत और मेट्रो का बढ़ता नेटवर्क
पहले से ही नमो भारत ट्रेन की रेड लाइन से शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन पर कनेक्टिविटी उपलब्ध है. अब इस एफओबी के जुड़ने से यह कनेक्शन पहले से ज्यादा मजबूत और सुविधाजनक हो जाएगा. इसके अलावा आने वाले समय में ब्लू लाइन और पिंक लाइन से भी जुड़ाव होगा, जिससे तीनों शहरों – दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा – के यात्रियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी.
बस अड्डे से मेट्रो तक ट्रैवल होगा आसान
गाजियाबाद के नए बस अड्डे और कौशांबी डिपो से हर दिन हजारों यात्री सफर करते हैं.
कौशांबी डिपो से प्रतिदिन 800 से 1000 बसें रवाना होती हैं.
इनसे करीब 40,000 यात्री रोजाना यात्रा करते हैं.
इन यात्रियों को अब सीधे एफओबी के ज़रिए मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी. जिससे उनका समय और ऊर्जा दोनों बचेंगे.
दिल्ली मेट्रो की कौन-कौन सी लाइनें जुड़ेंगी?
रेड लाइन: शहीदनगर (गाजियाबाद) से रिठाला (दिल्ली) – कुल 29 स्टेशन
ब्लू लाइन: द्वारका सेक्टर-21 से वैशाली – कुल 33 स्टेशन
पिंक लाइन: लोनी शिव विहार से मजलिस पार्क – कुल 38 स्टेशन
इस कनेक्टिविटी से गाजियाबाद के यात्रियों को दिल्ली के किसी भी हिस्से में तेज और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा.
यातायात के बोझ को कम करेगा यह प्रोजेक्ट
इस पूरे इंटीग्रेशन प्लान का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि सड़क पर पैदल यातायात घटेगा. इससे:
अचानक ब्रेक और हादसों की घटनाएं कम होंगी
यातायात जाम से राहत मिलेगी
और यात्रियों को एक स्मार्ट सिटी अनुभव मिलेगा

















