Cyber crime: आजकल ठगी के नए नए हथकंडे अपनाए जा रहे है। आजलक कूरियर/डिलीवरी एजेंट बनकर USSD कोड डायल करके ठगी का नया हथकंडा अपना रहे है। अक्सर अनजान लोग इसके चुंगल में फस ही जाते है।
पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने आमजन को साइबर अपराध की एक नई और गंभीर ठगी की तकनीक ‘कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम’ को लेकर सतर्क किया है। उन्होंने बताया कि आज के समय में मोबाइल फोन हमारी बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और व्यक्तिगत पहचान से सीधे जुड़ा हुआ है।Cyber crime
इसी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को झांसे में लेकर उनके मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव करवा देते हैं और फिर OTP व बैंक कॉल अपने नंबर पर मंगवाकर खातों से पैसे निकाल लेते हैं।Cyber crime
* क्या है कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम और कैसे दिया जाता है धोखे को अंजाम *
इस प्रकार के साइबर फ्रॉड में ठग खुद को किसी नामी कूरियर या डिलीवरी कंपनी का एजेंट बताकर आम नागरिक को कॉल करते हैं। वे पार्सल कन्फर्म करने, डिलीवरी री-शेड्यूल करने या पते की पुष्टि का बहाना बनाते हैं। भरोसा जीतने के बाद वे पीड़ित को एक खास USSD कोड डायल करने को कहते हैं, जो आमतौर पर 21, 61, 67 या 401 से शुरू होता है।
जैसे ही व्यक्ति यह कोड डायल करता है, उसके मोबाइल में कॉल फॉरवर्डिंग अपने आप एक्टिव हो जाती है और उसके फोन पर आने वाली सभी कॉल, बैंक से संबंधित OTP, ट्रांजेक्शन अलर्ट और सोशल मीडिया ऐप्स की वेरिफिकेशन कॉल सीधे साइबर ठगों के नंबर पर पहुंचने लगती हैं।
* कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम के खतरनाक परिणाम *
इस स्कैम का सबसे बड़ा खतरा यह है कि पीड़ित को बिना जानकारी हुए उसके बैंक खाते, UPI, व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म तक ठगों की पहुंच बन जाती है। कई मामलों में तब तक ठगी का पता चलता है, जब तक खाते से बड़ी रकम निकल चुकी होती है या सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो चुका होता है। यह स्कैम न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाता है, बल्कि व्यक्ति की डिजिटल पहचान को भी गंभीर खतरे में डाल देता है।
* कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम से बचने के लिए 8 जरूरी सुरक्षा निर्देश*
किसी भी अनजान कॉलर पर तुरंत भरोसा न करें। कूरियर या डिलीवरी के नाम पर कोई भी कोड डायल करने से साफ इनकार करें। याद रखें, कोई भी वास्तविक कंपनी कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव करने को नहीं कहती। अपने मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग्स की जानकारी रखें। अनजान नंबर से आए SMS या कॉल को नजरअंदाज करें। OTP या बैंक से जुड़ी जानकारी किसी से साझा न करें। जल्दबाजी में कोई भी तकनीकी निर्देश न अपनाएं। समय-समय पर अपने बैंक खाते और मोबाइल सेटिंग्स की जांच करते रहें।
* फ्रॉड होने पर तुरंत क्या करें*
यदि किसी को कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम का संदेह हो या वह इसका शिकार हो जाए, तो तुरंत ##002# डायल कर सभी प्रकार की कॉल फॉरवर्डिंग सेवाएं बंद करें। इसके बाद तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और अपने परिजनों को भी जानकारी दें, ताकि आपके नाम पर कोई और ठगी न हो सके।
* शिकायत कहां करें *
किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की शिकायत तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके या cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं। समय पर की गई शिकायत से आर्थिक नुकसान को रोका जा सकता है।
रेवाड़ी पुलिस आमजन से अपील करती है कि सतर्क रहें, जागरूक रहें और इस साइबर एडवाइजरी को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें, ताकि साइबर अपराधियों की साजिशों को समय रहते नाकाम किया जा सके।

















