Breaking:रेवाड़ी और धारूहेरा क्षेत्र के लोगों को आने वाले समय में दिल्ली-अलवर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है। गुरुग्राम-अलवर हाईवे पर नए फ्लाईओवर के निर्माण की योजना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस परियोजना के तहत 2026 में निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे रेवाड़ी, धारूहेरा, बावल और आसपास के औद्योगिक इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
• रेवाड़ी-धारूहेरा से दिल्ली का सफर होगा आसान
• हाईवे पर जाम की समस्या में आएगी कमी
• उद्योग और रोज़ाना अप-डाउन करने वालों को सीधा फायदा
योजना के अनुसार यह फ्लाईओवर मौजूदा दिल्ली-अलवर हाईवे के ऊपर से गुजरेगा। इसका उद्देश्य भारी वाहनों और रोज़ाना यात्रियों के दबाव को कम करना है। हीरो होंडा चौक क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए फ्लाईओवर का मार्ग मानेसर और धारूहेरा की ओर रहेगा, जिससे रेवाड़ी से दिल्ली और गुरुग्राम जाने वाले वाहनों को सीधा और निर्बाध रास्ता मिल सकेगा।
स्थानीय प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार गुरुग्राम खंड में निर्माण से पहले की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। बिजली, पानी और अन्य उपयोगिता सेवाओं के स्थानांतरण की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही जमीन से जुड़े तकनीकी सर्वे भी किए जा रहे हैं ताकि निर्माण के दौरान किसी तरह की रुकावट न आए। अधिकारियों का कहना है कि यातायात को प्रभावित किए बिना काम पूरा करने की योजना पर जोर दिया जा रहा है।
रेवाड़ी और धारूहेरा औद्योगिक दृष्टि से पहले ही महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। यहां बड़ी संख्या में फैक्ट्रियां, गोदाम और लॉजिस्टिक्स यूनिट्स स्थित हैं। फ्लाईओवर बनने के बाद इन इलाकों से दिल्ली-एनसीआर तक माल और कर्मचारियों की आवाजाही तेज होगी। इससे स्थानीय उद्योगों को समय और लागत दोनों में फायदा मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि फ्लाईओवर के निर्माण से न केवल सफर आसान होगा, बल्कि क्षेत्र में विकास की गति भी तेज होगी। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के कारण रेवाड़ी और धारूहेरा में रिहायशी और व्यावसायिक गतिविधियों में भी इजाफा हो सकता है। प्रशासन का दावा है कि तय कार्यक्रम के अनुसार 2026 में सिविल निर्माण शुरू कर चरणबद्ध तरीके से परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।















