Breaking News: हरियाणा ने एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत देशभर में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अभियान की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अब तक किए गए कार्यों, उपलब्धियों और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सामूहिक प्रयासों और सुनियोजित कार्ययोजना के चलते हरियाणा ने एनीमिया उन्मूलन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा अभियान: बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि गर्भवती महिलाओं, किशोरियों, बच्चों और महिलाओं में एनीमिया की जांच, समय पर उपचार और आयरन-फोलिक एसिड सप्लीमेंटेशन को लेकर राज्य में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया गया। स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से नियमित जांच और जागरूकता कार्यक्रमों ने इस दिशा में अहम भूमिका निभाई है। इसी का परिणाम है कि एनीमिया की दर में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है और राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा का प्रदर्शन सराहनीय रहा है। Breaking News
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की मजबूत और सक्रिय स्वास्थ्य व्यवस्था को दर्शाती है। जमीनी स्तर पर आशा वर्कर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्यकर्मी लगातार समुदाय के संपर्क में रहकर न केवल जांच कर रहे हैं, बल्कि लोगों को संतुलित आहार, पोषण और स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में एनीमिया के मामलों को चिन्हित कर समय पर हस्तक्षेप किया गया, जिससे स्थिति में तेजी से सुधार संभव हो सका।
एनीमिया मुक्त होगा हरियाणा: हालांकि बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि लक्ष्य केवल वर्तमान उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार का संकल्प हरियाणा को पूरी तरह एनीमिया मुक्त बनाना है। इसके लिए भविष्य में निगरानी तंत्र को और मजबूत करने, नियमित फॉलोअप, पोषण आधारित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभियान में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए और सभी वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए।

















