Haryana news:: रेवाड़ी रोडवेज डिपो में ई-टिकटिंग मशीनें लंबे समय से खराब पड़ी होने से यात्रियों और कर्मचारियों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिपो में पिछले करीब दो वर्षों से 50 के आसपास ई-टिकटिंग मशीनें खराब बताई जा रही हैं, जिसके चलते बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को एचपीपी और एनसीएमसी कार्ड होने के बावजूद टिकट नहीं मिल पा रही है। मजबूरी में यात्रियों को नकद भुगतान कर टिकट लेनी पड़ रही है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्रभावित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार रेवाड़ी रोडवेज डिपो में कुल 104 ई-टिकटिंग मशीनें थीं, जिनमें से बड़ी संख्या लंबे समय से तकनीकी खराबी के कारण काम नहीं कर रही है। स्थिति यह है कि कई मशीनों को अन्य कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि करीब 153 बसों में टिकट बनाने की जिम्मेदारी सीमित संसाधनों के सहारे निभाई जा रही है। डिपो स्तर पर बार-बार उच्च अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक सभी मशीनों को ठीक कराकर वापस नहीं भेजा गया है।Haryana news:
ई-टिकटिंग मशीनें खराब होने का सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है। जिन यात्रियों के पास हैप्पी कार्ड या एनसीएमसी कार्ड हैं, उन्हें भी टिकट नहीं मिल पा रही है। इससे न केवल यात्रियों को असुविधा हो रही है, बल्कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की सरकारी मंशा को भी झटका लग रहा है। कई मामलों में परिचालकों को ऑनलाइन माध्यम से टिकट बनानी पड़ रही है, जिससे समय अधिक लग रहा है और बस संचालन भी प्रभावित हो रहा है।
डिपो सूत्रों के अनुसार करीब दो वर्ष पहले खराब मशीनों को मुख्यालय भेजा गया था, लेकिन अब तक सभी मशीनें ठीक होकर वापस नहीं आई हैं। कुछ मशीनें बीच में ठीक होकर आई भी थीं, लेकिन थोड़े समय बाद फिर से खराब हो गईं। इस कारण परिचालकों और यात्रियों दोनों में नाराजगी देखी जा रही है।
परिवहन विभाग की ओर से जिले में बड़ी संख्या में हैप्पी कार्ड और एनसीएमसी कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, लेकिन ई-टिकटिंग मशीनों की कमी के कारण इनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। यात्रियों ने मांग की है कि ई-टिकटिंग मशीनों को जल्द से जल्द दुरुस्त कराया जाए, ताकि उन्हें नकद भुगतान की मजबूरी से राहत मिले और डिजिटल टिकटिंग व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।

















