सावधान! ठगी का नया तरीका : “कैशबैक और रिवार्ड्स” के नाम पर Cyber fraud

On: March 6, 2026 10:00 PM
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CYBER CRIME

Haryana crime: कैशबैक, रिवार्ड्स पॉइंट्स और फ्री गिफ्ट के नाम पर बढ़ती साइबर ठगी की घटनाओं को लेकर नागरिकों को सतर्क करते हुए एक महत्वपूर्ण पुलिस एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी बैंक, ई-कॉमर्स कंपनियों, मोबाइल वॉलेट और नामी ब्रांड्स के नाम पर फर्जी कॉल, मैसेज, ई-मेल व सोशल मीडिया लिंक भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।

ठगी का तरीका : कैशबैक और रिवार्ड्स” के नाम पर साइबर फ्रॉड *

ऑनलाइन ठग खुद को बैंक कर्मचारी, कस्टमर केयर अधिकारी या किसी नामी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर कॉल या मैसेज करते हैं। वे दावा करते हैं कि आपके खाते में कैशबैक आया है, रिवार्ड पॉइंट्स एक्सपायर होने वाले हैं या किसी विशेष ऑफर का लाभ उठाने के लिए तुरंत प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद ठग पीड़ित को किसी लिंक पर क्लिक करने, फर्जी ऐप डाउनलोड करने या ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी नंबर व नेट बैंकिंग डिटेल साझा करने के लिए कहते हैं। जैसे ही व्यक्ति जानकारी साझा करता है, उसके बैंक खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं या डिजिटल वॉलेट खाली कर दिया जाता है।

* एसपी श्री हेमेन्द्र कुमार मीणा की अपील : “लालच नहींजांच जरूरी *

पुलिस अधीक्षक श्री हेमेन्द्र कुमार मीणा, आईपीएस* ने कहा कि कोई भी बैंक या अधिकृत कंपनी कभी भी फोन कॉल, मैसेज या लिंक के माध्यम से गोपनीय जानकारी नहीं मांगते। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी आकर्षक कैशबैक या रिवार्ड्स ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें। यदि किसी ऑफर की जानकारी मिले, तो उसकी पुष्टि केवल संबंधित बैंक या कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही करें। किसी भी अज्ञात लिंक, क्यूआर कोड या कॉल के जरिए अपनी निजी व वित्तीय जानकारी साझा न करें।

* सावधान रहेंसतर्क रहें : पुलिस की सलाह*

किसी भी अनजान कॉल या मैसेज में बताए गए कैशबैक या इनाम के झांसे में न आएं। ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी, पासवर्ड जैसी जानकारी किसी को भी न दें। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या एसएमएस में आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। अपने बैंक अलर्ट और मोबाइल नोटिफिकेशन हमेशा ऑन रखें।

* रेवाड़ी पुलिस की निगरानी और चेतावनी*

रेवाड़ी पुलिस ऐसे मामलों पर लगातार नजर रखे हुए है और आमजन को जागरूक करने के लिए नियमितरूप से एडवाइजरी जारी की जा रही है।

* एसपी श्री हेमेन्द्र कुमार मीणाआईपीएस ने कहा कि -*

“ऑनलाइन दिखने वाला हर कैशबैक या रिवार्ड ऑफर असली नहीं होता। थोड़ी सी सतर्कता और सही जानकारी से बड़ी आर्थिक ठगी से बचा जा सकता है। ”उन्होंने नागरिकों से अपील की कि स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार व परिचितों को भी साइबर ठगी के तरीकों के बारे में जागरूक करें।

Sunil Chauhan

मै पिछले दस साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजाकर करना है।

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