बागेश्वर धाम: (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Shastri) अलवर आ रहे हैं। बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) सुर्खियों में बने रहते हैं। बाबा बागेश्वर को लेकर सियासी बयानबाजी भी होती रही है। सत्ताधारी दल के कई नेता धीरेंद्र शास्त्री के कथा वाचन कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं. कई दिनो से चर्चा है वह इनते पैसे लेता है..अलवर में लगाया 25 एकड में टैंट, विधानसभा चुनावों में क्या होगा इसका असर ?

धीरेंद्र शास्त्री ने खुले मंच से कहा था कि ‘कथाओं से संबंधित हम एक और निवेदन करेंगे कि कथाओं की तारीखें 2023 तक की फुल है। कोई भी ऐसी तारीख नहीं है कि 2023 के पहले खाली हो।बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री अलवर में, कार्यक्रम में किया बदनाव, यहां पढिए पूरी डिटेल्स
कोई खर्चा नहीं ,सिर्फ व्यवस्था का ही खर्च
कलाकार जो आते हैं उनकी व्यवस्था, गाड़ियों की व्यवस्था, रुकने की व्यवस्था और अन्नपूर्णा भंडारा जो चल रहा है उसके लिए सहयोग।

किसी पार्टी से नहीं वे
हालाकि उन पर आरोप लगते रहते है, लेकिन वे किसी पार्टी नहीं है. वे हिंदु है ओर हिदुंत्व को बढाने का मंच से आहवान करता है. कांग्रेस का आरोप है वे भाजपा है, जबकि बाबा बागेश्वर ने साफ कहा है वे किसी पार्टी से नहीं है.Haryana: समालखा से कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छोकर की गिरफ्तारी पर रोक, मगर ये शर्त होगी माननी, जानिए क्या
जानिए कितनी फीस लेते है
सच तो ये है कि हमने कभी कथा के लिए दक्षिणा नहीं मांगी है। जो व्यवस्था है, सिर्फ व्यवस्था मांगी है। बाकी ये कभी नहीं कहा कि 50 लाख या एक करोड़ देना है। व्यवस्था में चाहे जितना खर्च हो जाए, कथा बिल्कुल भी महंगी नहीं है, ये बेफिजुली की अफवाह है
















