Rohtak के लघु सचिवालय में सोमवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिले के ग्रामीण युवाओं के लिए विशेष पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से युवाओं को हरियाणा पुलिस और अग्निवीर भर्ती की बेहतर तैयारी करवाई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को सही दिशा और संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे भर्ती प्रक्रियाओं में अधिक सफलता प्राप्त कर सकें।
उपायुक्त ने कहा कि अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के पास प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की पर्याप्त सुविधाएं नहीं होतीं, जिससे वे प्रतियोगी परीक्षाओं और शारीरिक परीक्षण में पीछे रह जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करवाने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण, लिखित परीक्षा की तैयारी और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।
शारीरिक प्रशिक्षण और कोचिंग की होगी व्यवस्था
अभियान के तहत युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों का नियमित अभ्यास कराया जाएगा, जो पुलिस और अग्निवीर भर्ती के लिए आवश्यक होते हैं। प्रशासन की योजना है कि जिले के विभिन्न गांवों और स्कूलों के खेल मैदानों का उपयोग प्रशिक्षण के लिए किया जाए।
इसके साथ ही लिखित परीक्षा की तैयारी के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। शाम के समय स्कूलों की कक्षाओं में युवाओं को कोचिंग दी जाएगी, जहां उन्हें सामान्य ज्ञान, गणित, रीजनिंग और अन्य विषयों की तैयारी करवाई जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे स्कूलों की पहचान करें जिनके खेल मैदान और कक्षाएं इस प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त हों। इससे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर मिलेगा।
समितियों के माध्यम से अभियान का संचालन
इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला प्रशासन ने समितियों के गठन की योजना बनाई है। जिलास्तर से लेकर गांव स्तर तक अलग-अलग समितियां बनाई जाएंगी, जो प्रशिक्षण और अन्य गतिविधियों की निगरानी करेंगी। जिलास्तर पर अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा भी की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी योजनाएं सही तरीके से लागू हो रही हैं।
उपायुक्त ने बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतीक अग्रवाल को इस अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारी मिलकर इस योजना को सफल बनाने के लिए काम करेंगे। वहीं ग्रामीण स्तर पर सरपंच, पीटीआई, स्कूल प्राचार्य, पूर्व सैनिक और युवा स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इससे गांवों में युवाओं को प्रेरित करने और उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
चयनित गांवों से शुरू होगी पहल
जिला प्रशासन ने इस अभियान की शुरुआत कुछ चुनिंदा गांवों से करने का निर्णय लिया है। इनमें रिटौली, कबुलपुर, कारौर, सांघी, खिड़वाली, निंदाना, गद्दी खेड़ी, बोहर, खेड़ी साध और बलियाना गांवों को प्राथमिकता दी गई है। इन गांवों में युवाओं की संख्या अधिक होने और खेल गतिविधियों के लिए उपयुक्त मैदान होने के कारण इन्हें पहले चरण में शामिल किया गया है।
इसके अलावा जिला सैनिक बोर्ड को भी इस अभियान में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। बोर्ड ऐसे पूर्व सैनिकों की पहचान करेगा जो युवाओं को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देने के इच्छुक हों। पूर्व सैनिकों का अनुभव युवाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है, क्योंकि वे भर्ती प्रक्रिया और शारीरिक प्रशिक्षण के बारे में व्यावहारिक जानकारी रखते हैं। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सांपला के एसडीएम उत्सव आनंद, रोहतक के एसडीएम आशीष कुमार, महम के एसडीएम विपिन कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने इस पहल को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करने का भरोसा दिलाया। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि इस अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में ग्रामीण युवा पुलिस और अग्निवीर भर्ती में सफल होंगे। साथ ही यह पहल युवाओं को फिटनेस, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के प्रति प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

















