Breaking News: हरियाणा में लोगों को चौबीसों घंटे बिजली मिले यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार बिजली वितरण निगमों के माध्यम से बुनियादी ढांचे को उन्नत कर रही है। सभी को समुचित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अब शिविरों और छोटी बस्तियों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
यदि कोई व्यक्ति फिरनी गांव के तीन किलोमीटर के दायरे में रहता है और बिजली लाइन 300 मीटर के दायरे में है तो उसे केवल सेवा शुल्क लेकर कनेक्शन दिया जाएगा। बाकी खर्च बिजली निगम वहन करेगा।
यदि बिजली (Bijli Line) लाइन की दूरी 300 मीटर से अधिक है तो लाइन लगाने की कुल लागत का आधा हिस्सा उपभोक्ता और बाकी निगम द्वारा भुगतान किया जाएगा। ट्रांसफार्मर की पूरी लागत सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
यदि कोई उपभोक्ता कृषि फीडर से बिजली प्राप्त कर रहा है और गांव फीडर में शिफ्ट होना चाहता है तो वह शिफ्टिंग लागत का भुगतान करके ऐसा कर सकता है। इस स्थिति में ट्रांसफार्मर की लागत भी निगम द्वारा ही वहन की जाएगी।
जहां भी बिजली के लिए पुराने लकड़ी के खंभे या अस्थायी ढांचे का इस्तेमाल किया जाता है निगम उन्हें नए स्थायी ढांचे से बदल देगा। इसका उद्देश्य राज्य के हर कोने में बिना किसी बिजली कटौती के विश्वसनीय बिजली सेवा प्रदान करना है।

















