Bhiwadi Firecracker Factory Blast: भिवाड़ी। राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को अवैध रूप से संचालित एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए जोरदार धमका हुआ। एक बाद एक धमाके के बाद भीषण आग लग गई, जिसमें 8 मजदूर जिंदा जल गए।
बडा सवाल: सबसे बडा सवाल यह है प्रशासन की नाक लगे सरेआम अवैध पटाखों को निर्माण चल रहा था। अवैध कारोबार की न तो प्रशासन ओर न ही पुलिस को कोई भनक दी। अब भिवाड़ी धमाके के सुलगते सवालों का जवाब कौन देगा? या इन श्रमिको को क्लैम मिलेगा क्या इस फैक्टी मालिक पर कोई कारवाई होगी।Bhiwadi Firecracker Factory Blast
बता दे कि भिवाड़ी में यह परिसर रेडीमेड वस्त्र निर्माण के लिए पंजीकृत था, लेकिन अंदर अवैध तरीके से बारूद के साथ पटाखे बनाए जा रहे थे।बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के जिस हिस्से में धमाका हुआ, उसे मालिक ने किराए पर दे रखा था और किरायेदार द्वारा गैरकानूनी रूप से पटाखा निर्माण किया जा रहा था। परिसर में बारूद और गत्ते का भारी स्टॉक रखा होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया।Bhiwadi Firecracker Factory Blast
हादसे के बाद जिला कलेक्टर अलवर आर्तिका शुक्ला सहित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास की फैक्ट्रियों में काम कर रहे श्रमिक भी दहशत में बाहर निकल आए और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।Bhiwadi Firecracker Factory Blast
सुरक्षा व्यवस्थाओं और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल: घटना ने औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्थाओं और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसमें यह भी देखा जा रहा है कि बिना अनुमति पटाखा निर्माण कैसे चल रहा था और जिम्मेदारी किसकी बनती है।Bhiwadi Firecracker Factory Blast
मृतकों की पहचान और अन्य घायलों के उपचार की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।Bhiwadi Firecracker Factory Blast
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के दौरान 3 से 4 बार जोरदार धमाके हुए। धमाकों की आवाज काफी दूर तक सुनी गई, जिससे लोगों में भय का माहौल बन गया। एहतियात के तौर पर आसपास की फैक्ट्रियों को खाली कराया गया और बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया। आधा दर्जन दमकल गाड़ियों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटना ने प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। औद्योगिक क्षेत्र में महीनों से बंद बताई जा रही फैक्ट्री के भीतर अवैध गतिविधि चलती रही और किसी को भनक तक नहीं लगी। हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज हो गई है। अलवर जिला कलेक्टर और खैरथल जिले की कार्यवाहक जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला जब मौके पर पहुंची तो लोगों ने उनके सामने प्रशासन की अनदेखी के आरोप लगाए
















