Breaking News: सोहना पलवल हाईवे पर हो रहे जलभराव को एक बार फिर हरियाणा के धारूहेड़ा के लोगो को बली का बकरा बनाया जाएगा। बैठक मे एक बार फिर बारिश के पानी की आड में धारूहेड़ (Dharuhera) में भेजने पर ही सहमति दी जाएगी। जबकि भिवाड़ी प्रशासन पर (Bhiwadi black water) कंपनियों के पानी को रोकने में नाकाम रहा है। इसको लेकर सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है।
आज होगी बैठक: बता दे कि भिवाड़ी (Bhiwadi News) में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या को लेकर केंद्र सरकार स्तर पर अहम पहल की जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-919 से जुड़े जलभराव और यातायात अवरोध के मुद्दे पर मंगलवार 6 जनवरी को दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के आवास पर होगी, जिसमें केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और राव इंद्रजीत सिंह भी मौजूद रहेंगे।
सच्चाई जानते हुए भी कर रहे इंकार: फिलहाल धारूहेड़ा में काला पानी आ रहा है। अब तो बरसात ही नही है तो फिर ये पानी कहां से आ रहा है। इसको लेकर भिवाडी प्रशासन पर कार्रवाई क्यों नहीं। कंपनियों एसटीपी ठीक होने के नाम पर जेब भर नेताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं। साफ जाहिर है क्या हरियाणा को एक बार गंदे पानी का दंश झेलने को मजूबर किया जाएगा। केंद्र के पास कोई योजना नहीं है। साहबी बैराज को पहले ही नरक बना दिया है बस भिवाडी का पानी वहां भेजकर उसे रोक नरक बना दिया जाएगा।
बैठक हरियाणा और राजस्थान सरकार के बीच समन्वय के तहत आयोजित की जा रही है। जानकारी के अनुसार, भिवाड़ी में एनएच-919 पर बने अवैध रैंप, अतिक्रमण और जल निकासी की कमजोर व्यवस्था को जलभराव की मुख्य वजह माना गया है। बैठक में इन समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर चार बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी, ताकि भविष्य में मानसून के दौरान लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।

इन मुद्दों पर होगी बैठक: बैठक में शाहजहांपुर बॉर्डर से टीटीआई चौक तक प्रस्तावित 6.50 किलोमीटर लंबे आरटीआर फ्लाईओवर परियोजना पर भी मंथन किया जाएगा। यह फ्लाईओवर क्षेत्र में यातायात दबाव कम करने और बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने की समस्या को कम करने में मददगार माना जा रहा है। परियोजना के तहत सड़क की ऊंचाई, चौड़ाई और जल निकासी व्यवस्था को भी नए सिरे से डिजाइन करने का प्रस्ताव है।
सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में हरियाणा और राजस्थान के संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे जलभराव विवाद को सुलझाने की दिशा में इस बैठक को अहम माना जा रहा है। बैठक के बाद भिवाड़ी के जलभराव समाधान को लेकर ठोस कार्ययोजना और समयबद्ध कार्रवाई तय किए जाने की संभावना है।

















