Haryana News: भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के राष्ट्रीय प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी 3 अगस्त को सुबह 10:30 बजे रेवाड़ी की अनाज मंडी स्थित किसान भवन में किसानों की पंचायत को संबोधित करेंगे। यह पंचायत ओलावृष्टि से हुए फसली नुकसान के मुआवजे और अन्य ज्वलंत मुद्दों को लेकर बुलाई गई है।
भाकियू पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार ने जिले में किसानों को मात्र 19 करोड़ रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है, जबकि असल में 200 करोड़ रुपये की जरूरत थी। किसानों का आरोप है कि कई गांवों में तो पूरी फसल तबाह हो गई, खेत बर्बाद हो गए, लेकिन सरकार ने उन्हें “ऊंट के मुंह में जीरा” जैसा मुआवजा थमा दिया। किसानों की मांग प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजे की थी, जबकि सरकारी मुआवजा आंकड़ों के मुताबिक भी 30 हजार बनता था।
इस विषय पर गुरनाम सिंह चढूनी ने पूर्व में प्रशासन से बात भी की थी और अब रेवाड़ी की पंचायत में इसे प्राथमिकता से उठाएंगे। बैठक में खाद की कालाबाजारी, बाजरा भावांतर योजना, अमेरिका के साथ हुए कृषि समझौते जैसे अन्य कई मुद्दों पर भी चर्चा होगी। संगठन के विस्तार की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
पंचायत में जिले के तमाम पदाधिकारी मौजूद रहेंगे और प्रशासनिक अधिकारियों को केवल ज्ञापन ही नहीं, बल्कि चेतावनी पत्र भी सौंपा जाएगा। बैठक में राजेंद्र कुमार गेरा, बाबूलाल रोडवेज, राजकुमार, कुलदीप करनावास, महिला जिला प्रधान मुन्नी बूढ़पुर, मनीषा सहित अन्य कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
भारतीय किसान यूनियन के ज़िला प्रधान समय सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आगामी 10 दिनों में बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई जाएगी, जिसमें डीसी कार्यालय का घेराव और स्थायी धरना शामिल होगा। संगठन आर-पार की लड़ाई के मूड में है और पीछे हटने वाला नहीं है।

















