भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के एक शिष्टमंडल ने सीटीएम को मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा है। प्रधान समय सिंह ने कहा कि सरकार ने 23 सितंबर से बाजरे की खरीद शुरू करने और किसानों को 625 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर देने का आश्वासन दिया था। लेकिन न तो भावांतर मिला तथा न ही खरीद शुरू हुई।Haryana News
उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे की जानकारी अपने राष्ट्रीय किसान नेताओं को भी दे दी है। भारतीय किसान यूनियन ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई केवल बाजरे की खरीद तक ही सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के अधिकारों और उनकी उपज के उचित मूल्य सुनिश्चित करने तक जारी रहेगी।Haryana News

दो दिन बीत जाने के बावजूदजिले के किसानों को न तो पोर्टल के माध्यम से खरीद की सुविधा मिल रही है और न ही कोई गेट पास जारी हो रहा है। समय सिंह ने कहा कि इससे किसान उलझन में हैं और उनका उत्पीडन बढ़ रहा है।Haryana News
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 25 सितंबर तक खरीद शुरू नहीं हुई और गेट पास जारी नहीं हुए, तो भारतीय किसान यूनियन चढूनी बड़े आंदोलन की घोषणा करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन पर होगी।Haryana News
उन्होंने मांग की है कि 2023 की तरह इस बार भी सभी पंजीकृत किसानों को 625 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भावांतर का भुगतान किया जाए। दक्षिणी हरियाणा में बाजरे की सबसे ज्यादा फसल होती है, किसानों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ज्ञापन सौंपते समय यूनियन की महिला प्रधान मुन्नी बूढ़पुर, एससी सेल के प्रधान राजकुमार और अन्य किसान नेता जैसे राजेंद्र कुमार गेरा, सुरेंद्र गोकलपुर, रोशन लाल दरोगा, वेद सुल्तानिया और ओपी लोहाना भी मौजूद थे।Haryana News
















