Haryana News: प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके धारुहेड़ा निवासी यशपाल खोला का सफर संघर्ष, संकल्प और नवाचार का उदाहरण है। यशपाल के परिवार में उनकी पत्नी अनीता कुमारी, बेटी फलक राव, बेटा आरव और मां सुशीला देवी शामिल हैं।
दिल्ली में राष्ट्रपति के मेहमान बनकर लौटा रेवाड़ी के गांव कंवाली के किसान यशपाल खोला गदगद दिखे। 25 जनवरी सुबह दिल्ली आईसीएआर दिल्ली पहुंचे यशपाल की पत्नी अनीता कुमारी के साथ 26 की शाम एट होम कार्यक्रम में राष्ट्रपति ओर प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात हुई। पीएम नरेंद्र मोदी ने प्राकृतिक खेती में हरियाणा के योगदान को सहराते हुए यशपाल की पीठ थपथपाई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से व्यक्तिगत मुलाकात हुई। डॉ. सुब्रह्मण्यम हाल में कृषि मंत्री और वैज्ञानिकों की मौजूदगी में देशभर से आए 500 किसानों को संबोधित करने का मौका मिला।Haryana News

उन्होंने वर्ष 2014 में प्राकृतिक खेती की शुरुआत की थी, लेकिन वर्ष 2018 में कैंसर से पिता के निधन के बाद उन्होंने पूरी तरह से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती को अपनाने और अन्य किसानों को इसके लिए प्रेरित करने का दृढ़ निर्णय लिया। इस पूरे सफर में उनकी पत्नी अनीता कुमारी ने हर कदम पर उनका साथ दिया और आज दोनों की जोड़ी प्राकृतिक खेती की एक सफल मिसाल बन चुकी है।
प्राकृतिक खेती पर डाला फोकस: किसान यशपाल खोला ने बताया कि उन्होंने खेती को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने के लिए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने स्नातक शिक्षा के साथ-साथ एचएयू से दो वर्षीय डिप्लोमा भी किया। यशपाल का कहना है कि प्राकृतिक खेती के लिए एचएयू से मिला प्रशिक्षण उनके जीवन की अमूल्य धरोहर है, जो ताउम्र याद रहेगा। इसी ज्ञान और अनुभव के आधार पर उन्होंने प्राकृतिक खेती को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसकी मार्केटिंग का भी एक प्रभावी मॉडल विकसित किया।

किसान रत्न अवार्ड से हो चुके है सम्मानि: तप्राकृतिक खेती के जरिए यशपाल खोला ने गेहूं, सब्जी और फलों की सफल पैदावार की, साथ ही अपने उत्पादों की सीधी रिटेल मार्केटिंग कर किसानों की आमदनी बढ़ाने का रास्ता दिखाया। वे अरावली किसान क्लब के प्रधान हैं और किसान रत्न अवार्ड से भी सम्मानित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात और संवाद उनके जीवन के सबसे यादगार क्षणों में शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक खेती को लेकर विशेष रुचि दिखाई और क्लब मॉडल को प्रदेश व देशभर में विकसित करने का आश्वासन दिया, साथ ही हरियाणा की इस पहल की सराहना की।
प्रेरणादायक रहा एट होम का निमंत्रण: किसान यशपाल खोला का कहना है कि देश के विभिन्न कोनों से आए किसानों और नामचीन हस्तियों से संवाद करना उनके लिए प्रेरणादायक रहा। उन्होंने न केवल खुद प्राकृतिक खेती को अपनाया, बल्कि प्राकृतिक उत्पादों की रिटेल मार्केटिंग का ऐसा मॉडल तैयार किया, जो आज अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। उनका मानना है कि प्राकृतिक खेती ही किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का मजबूत आधार है।

















