Breaking News: 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभर से आमंत्रित किसानों के साथ संवाद किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री श्री भागीरथ चौधरी, केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री श्री रामनाथ ठाकुर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट सहित मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
दिल्ली स्थित आईसीएआर के श्री शुभ्रमण्यम हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव कंवाली से महिला किसान आनिता यादव ने भी विशेष रूप से भाग लिया।Breaking News
Women Empowerment Year के तहत एक महिला रोल मॉडल किसान के रूप में आमंत्रित आनिता यादव ने प्राकृतिक खेती से जुड़े अपने अनुभव देशभर के किसानों के साथ साझा किए।
उन्होंने बताया कि किस तरह प्राकृतिक खेती न केवल लागत को कम करती है, बल्कि भूमि की उर्वरता और पर्यावरण संतुलन को भी बनाए रखने में सहायक है। उनका संबोधन रेवाड़ी और आसपास के क्षेत्र के किसानों के लिए गर्व और उत्साह का विषय रहा, क्योंकि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर जिले की एक महिला किसान ने देश के कृषि मंत्री के मंच से किसानों को संबोधित किया।
हरियाणा में हो रही प्राकृतिक खेती: अपने संबोधन में आनिता यादव ने हरियाणा में हो रही प्राकृतिक खेती की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने अरावली किसान क्लब और धारूहेड़ा नैचुरल एग्रो फार्म के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और बताया कि किस तरह किसान आपसी सहयोग और सहकारिता के माध्यम से प्राकृतिक खेती को सफल बना सकते हैं। उन्होंने अन्य राज्यों के किसानों से भी रासायनिक खेती से हटकर प्राकृतिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की।
हरियाणा से 28 किसान हुए शामिल: बता दे कि प्राकृतिक किसानइस कार्यक्रम में हरियाणा प्रदेश के 24 से अधिक प्राकृतिक किसान शामिल हुए, जबकि देश के अन्य राज्यों जैसे मध्यप्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, असम, मणिपुर और उत्तर प्रदेश से 500 से अधिक किसानों ने भागीदारी की। कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट देशभर में किया गया, जिससे लाखों किसानों तक यह संदेश पहुंचा।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित करते हुए प्राकृतिक खेती, महिला सशक्तिकरण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश की कृषि को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने में किसानों की भूमिका सबसे अहम है और ऐसे संवाद कार्यक्रम किसानों को एक-दूसरे से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।
















