रेवाड़ी: भारतीय किसान यूनियन चढूनी जिला रेवाड़ी के एक शिष्ट मंडल ने मंगलवार को डीआरओ प्रदीप देशवाल को किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। यूनियन के जिला प्रधान समय सिंह ने बताया कि बीते दो से तीन दिनों से पड़े पाले के कारण क्षेत्र की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों ने मांग की कि फसल क्षति का जल्द से जल्द सर्वे करवाया जाए और कृषि अधिकारियों की एक टीम खेतों में जाकर स्थिति की जांच करे, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।
ज्ञापन में किसानों ने वर्ष 2023 से 2025 तक के बाजरा भावांतर के लंबित भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। समय सिंह ने कहा कि किसानों को न तो एमएसपी पर फसल की खरीद का लाभ मिला और न ही भावांतर योजना का भुगतान किया गया, जिससे किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इसके साथ ही क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से रबी और खरीफ फसलों के लिए जिन किसानों को मुआवजा मिलना था, उनमें से लगभग 40 प्रतिशत किसानों के खातों में ही राशि पहुंच पाई है, जबकि शेष किसान अब भी इंतजार कर रहे हैं। बीमा कंपनियों के रवैये पर भी किसानों ने नाराजगी जताई और मनमानी का आरोप लगाया।
किसानों ने प्रशासन को 10 दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में किसान और मजदूरों की मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन में किसान भवन का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन का कहना है कि कृषि अधिकारी किसान भवन में मार्केट कमेटी का कार्यालय खोलना चाहते हैं, जबकि यह भवन सर छोटू राम द्वारा किसानों के विश्राम और आपसी चर्चा के लिए बनाया गया था। किसानों ने स्पष्ट किया कि किसी भी सूरत में किसान भवन में मार्केट कमेटी का दफ्तर नहीं खुलने दिया जाएगा और किसान भवन पर किसानों का ही अधिकार रहेगा।
इस अवसर पर जिला कार्यकारिणी प्रधान राजेंद्र कुमार गेरा, जिला शहरी प्रधान सविता दहिया, महिला उप प्रधान मनीषा यादव बोडीया कमालपुर, एक्स सर्विसमैन सेल के प्रधान शीशराम, वीएससी सेल के प्रधान राजकुमार सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।

















