Haryana News: हरियाणा के गुरूग्राम कोर्ट ने करीब 11 साल पहले दर्ज किए मामले को एक बडा फैसला सुनाया है। अब गुरूग्राग कोर्ट ने हरियाणा करावरा मानकपुर गांव के तत्कालीन सरपंच ईश्वर सिंह रेवाड़ी में फर्जी बिल तैयार कर गबन करने वाले 2 ऑफिसरों और पूर्व सरपंच को 10-10 साल की सजा सुनाई है।
रेवाड़ी के करावरा मानकपुर गांव के तत्कालीन सरपंच ईश्वर सिंह ने हरियाली परियोजना के तहत गांव में साल 2006 के दौरान विकास कार्य करवाए थे। पूर्व सरपंच ईश्वर सिंह ने बीडीपीओ ऑफिस के जेई अशोक कुमार और उदयभान तत्कालीन सहायक भूमि सरंक्षण अधिकारी रेवाड़ी ने ने मिलीभगत करके 5 लाख 27 हजार 521 रुपए का गबन किया था।पुलिस ने 29 सितंबर 2017 में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो गुरुग्राम में दर्ज किया गया था।Haryana News
कोर्ट ने सुनाया ये फैसला: बता दे इसका लेकर गुरूग्राम कोर्ट में जांच चल थी । अब गुरूग्राग कोर्ट ने हरियाणा करावरा मानकपुर गांव के तत्कालीन सरपंच ईश्वर सिंह रेवाड़ी में फर्जी बिल तैयार कर गबन करने वाले 2 ऑफिसरों और पूर्व सरपंच को 10-10 साल की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने सभी आरोपियों पर 5-5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर सभी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
लेबर का फर्जी रिकार्ड करके की थी ठगी: गबन के लिए उन्होंने कार्यों में लेबर के फर्जी नाम पते दिखाकर, फर्जी रिकार्ड तैयार करके लेबर के फर्जी भुगतान किया गया। पुलिस ने 29 सितंबर 2017 में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो गुरुग्राम में दर्ज किया गया था।
गुरुग्राम की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश कोर्ट ने गबन के दोनों अफसरों और पूर्व सरपंच को 10-10 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों पर 5-5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। एसीबी ने गबन के 11 साल बाद एफआईआर दर्ज कर मामले में जांच शुरू कर थी।

















