मौसमदिल्लीबिहार विधानसभा चुनाव 2025CET 2025राजस्थानमनोरंजनराशिफलबिजनेसऑटो मोबाइलरेवाड़ीआध्यात्मिकअन्य

रेवाड़ी में मंगलवार को रहेगीे डॉक्टरों की हड़ताल

On: April 3, 2023 10:08 PM
Follow Us:

राजस्थान के राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में उठाया जा रहा है ये कदम
रेवाडी: राजस्थान में राइट टू हेल्थ बिल के खिलाफ वहां के चिकित्सकों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन में साथ देने के लिए रेवाड़ी के सभी चिकित्सकों ने मंगलवार को सुबह आठ से शाम आठ बजे तक निजी अस्पताल बंद रखने का निर्णय लिया है।

मंगलवार को निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहेंगी। इससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। राजस्थान सरकार द्वारा राइट टू हेल्थ बिल पास करने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े रेवाड़ी के निजी चिकित्सक मंगलवार को हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान आपातकालीन सेवाएं भी बाधित रहेंगी।

अस्पतालों में भर्ती मरीजों की नियमित रूप से जांच होगी, लेकिन ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं पूर्ण रूप से बाधित रहेंगी।

यह भी पढ़ें  New Expressway: देश के इस राज्य में बनेंगे 7 नए एक्सप्रेसवे, 56 जिलों को करेंगे कनेक्ट

बैठक आयोजित कर किया आह्वान : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने सोमवार शाम को यादव कल्याण सभा के श्रीकृष्ण भवन में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस दौरान आमजन से मंगलवार को निजी अस्पताल में नहीं आने का आह्वान किया।रेवाडी के SP होगेंं दीपक सहारण, जानिए कौन है वो

 

बिल के कारण प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे डॉक्टर
इस बिल के अनुसार वहां कोई भी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे। उनका कहना है कि प्राइवेट अस्पतालों में 70 प्रतिशत मरीजों का इलाज किया जाता है। ऐसे में सरकार के इन नियम और कायदों से प्राइवेट अस्पताल संचालन करना मुश्किल हो जाएंगे।

इससे गरीब आदमियों को उनके स्वास्थ्य के साथ कितना बड़ा खिलवाड़ हो रहा है इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। यह बिल प्रासंगिक नहीं है। इस बिल का घोर विरोध करते हुए रेवाड़ी आईएमए चिकित्सक एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे।

यह भी पढ़ें  Dharuhera News: तिरंगा यात्रा में उमडी भीड, विधायक लक्ष्मण यादव ने दिखाई झंडी

सरकार पर लगाया आरोप
रेवाड़ी के चिकित्सक इस दौरान जयपुर में आयोजित होने वाली महारैली में शामिल होने के लिए रवाना होंगे। इससे पहले 27 मार्च को भी आईएमए के सभी चिकित्सकों ने काला बैज लगाकर मरीजों की जांच की।

चिकित्सकों का कहना था कि राजस्थान सरकार निजी चिकित्सा सेवाओं को खत्म करने का असफल प्रयास कर रही है। रेवाड़ी आईएमए के चिकित्सकों ने केंद्र सरकार से इस राइट टू हेल्थ बिल मामले में उचित संज्ञान लेते हुए तुरंत वापस करवाने की मांग की है ताकि निजी चिकित्सक अपना काम सुचारू रूप से कर सकें और मरीजों को होने वाली परेशानी से बचाया जा सके।खुशखबरी: अब केवल 500 रूपए में मिलेगा गैस सिलेंडर

यह भी पढ़ें  CM Flying Raid: सात ओवरलोड वाहनों पर ठोका पांच लाख जुर्माना

आईएमए प्रधान डा. कंचन यादव, महासचिव डा. आत्मप्रकाश यादव, डा. नीलम यादव, डा. रुचि यादव आदि ने बताया कि राजस्थान में गहलोत सरकार वोट की राजनीति के तहत राइट टू हेल्थ बिल लेकर आई है।

 

सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र यादव ने कहा कि आईएमए की हड़ताल की सूचना मिली है। इस संबंध में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में अतिरिक्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधान चिकित्सा अधिकारी से भी ओपीडी के साथ आपातकालीन सेवाओं को लेकर तैयार रहने के लिए कहा गया है। सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को आवश्यकता पड़ने पर सेवाओं के लिए तैयार रहने की हिदायत दी है।

 

Harsh

मै पिछले पांच साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now