नई दिल्ली/चंडीगढ़: देश के चर्चित पीएसीएल यानी पर्ल एग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 20 मार्च 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब और दिल्ली में 126 अचल संपत्तियां जब्त की हैं। इन संपत्तियों की कुल कीमत 5,046.91 करोड़ रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई के बाद मामले में अब तक जब्त कुल संपत्तियों का मूल्य बढ़कर 22,656.91 करोड़ रुपये हो गया है।
ईडी के अनुसार, यह किसी एक केस में अब तक की सबसे बड़ी अटैचमेंट मानी जा रही है, जिससे घोटाले से जुड़े नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है।यह घोटाला पंजाब के रूपनगर जिले के बेला गांव निवासी निर्मल सिंह भंगू द्वारा शुरू की गई कंपनी PACL लिमिटेड से जुड़ा है। 1990 के दशक में शुरू हुई इस कंपनी ने खुद को कृषि भूमि खरीद-बिक्री और विकास करने वाली फर्म के रूप में पेश किया। लोगों को छोटी-छोटी किस्तों या नकद निवेश के बदले प्लॉट देने का वादा किया जाता था, लेकिन ज्यादातर मामलों में निवेशकों को जमीन के पुख्ता दस्तावेज नहीं दिए गए।
चार गुना करने का लालच से फसाया: केवल साधारण रसीद के आधार पर निवेश कराया गया, जिससे लाखों लोगों की जमा पूंजी फंस गई।कंपनी ने निवेशकों को 5 साल में पैसा निकालने या जमीन लेने का विकल्प और 10 साल में रकम चार गुना करने जैसे आकर्षक वादे किए, जिसने खासतौर पर मध्यम वर्ग को बड़ी संख्या में आकर्षित किया। शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को रिटर्न देकर भरोसा बनाया गया, जबकि बाद में नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान किया गया।
इस पोंजी स्कीम को फैलाने के लिए एजेंट्स का नेटवर्क और सेमिनारों का सहारा लिया गया, जिससे देशभर में लाखों लोग इससे जुड़ते चले गए।
ईडी की कार्रवाई :अब ईडी की ताजा कार्रवाई के बाद निवेशकों को अपनी फंसी रकम वापस मिलने की उम्मीद फिर जगी है। हालांकि, अंतिम भुगतान और रिफंड की प्रक्रिया न्यायिक निर्देशों और आगे की जांच पर निर्भर करेगी, जिससे स्पष्ट होगा कि पीड़ितों को कब और कितना पैसा वापस मिल पाएगा।

















