सैनिकों की खान अहीरवाल: सामूहिक साहस पर की पुस्तक विमोचन, जानिए पूरा इतिहास

On: September 21, 2021 1:19 AM
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हरियाणा: सुनील चौहान। दि बैटल आफ रेजांगला पुस्तक का विमोचन हुआ है । आज ये पुस्तक एमेजोन और बुक स्टाॅल पर मिलेगी । इस पुस्तक के लेखक पूर्व कमांडेन्ट कुलप्रित यादव हैं जो गाजियाबाद में रहते हैं । हरियाणा के कोसली गाॅव से संबंध रखते हैं और सैनिक परिवार से आते हैं । आज इन्होंने खुद आकरके रेजांगला शहीद कल्याण फाउंडेशन के संयोजक डाॅ0 टी सी राव को पुस्तक की एक प्रति भेंट की । डाॅ0 टी सी राव ने भी कमांडेन्ट कुलप्रित यादव को काफी इनकरेज किया था । इस पुस्तक को पुरा करने के लिए डाॅ0 टी सी राव ने भी कुछ रिफरेन्स और कुछ मेटेरियल भी दिया था इस पुस्तक को पुरा करने के लिए । कमांडेन्ट कुलप्रित यादव ने बड़ी बारीकी से आत्मा को जोड़ के इस पुस्तक को लिखा है । यह पुस्तक उन 120 अहीर जो दक्षिण हरियाणा से संबंध रखते थे, उनकी वीरता का पुरा वर्णन पुरा बारीकी से किया । अभी तक जिन पहलूवों पर जो लोगों को पता नहीं था उन पहलुवों को भी इसमें शामिल किया गया है । काफी शोध करने के बाद यह पुस्तक बाजार में आई है । उन 120 शहीद परिवारों की तरफ से देश के तमाम शहीद परिवारों की तरफ से मैं कमांडेन्ट कुलप्रित यादव जी का धन्यवाद करता हूॅ और मैं उम्मीद करता हॅू कि लोग इस पुस्तक को खरीदेंगे और अपने बच्चों को इस पुस्तक के मुख्य अंश पढकर कर के सुनायेंगे ताकि बच्चे प्रेरित हो सके । यह युद्ध दुनिया की पहली 8 लड़ाईयों में से एक है । इस सामूहीक साहस का एक अकेला परिचय है । 120 वीर जवनों मे से 114 लोग आखरी बुलेट आखरी आदमी की परंपरा को निभाते हुए शहीद हो गये थे । यह पहली पुस्तक है जो इस युद्ध पर आई है । 1962 की लड़ाइयें पर बहुत सारी पुस्तकें मिल जायेंगे जिसमें इस युद्ध के उपर एक या दो पेज मिलेंगें लेकिन यह पहली पुस्तक होने के नाते उनकी वीरता का ब्याखान और बहुत ही अनुखे ढंग से किया गया है इस पुस्तक में । अब प्रयास चल रहे हैं इसके उपर जल्द से जल्द एक मूवी बनाने जाय जिसमें फिल्म जगत के वरिष्ठ कलाकार सम्मिलित होंगे इस मूवी के कास्ट के अंदर । मैं तमाम शहीद परिवारों की तरफ से एक बार फिर कमांडेन्ट कुलप्रित यादव का धन्यवाद करता हूॅ औ अपने लोगों से आह्वान करता हॅू खासकर दक्षिण हरियाणा के लोगों से कि इस पुस्त्क को जरुर खरीदें और अपने परिवार के बच्चों को पुस्तक के मुख्य अंश पढकर सुनाने ताकि वह प्रेरित हो सके, ताकि उनको पता लग सके कि क्षेत्र में कैसे – कैसे वीर सैनिक पैदा हुए है । जिन्होंने अपना प्राण न्योछावर कर दिया देश की प्रभुसत्ता और अखंडता को कायम रखने के लिए । 18 नवंबर 1962 की सुबह इस युद्ध का आरंभ हुआ था और 19 नवंबर 1962 को चैना ने एकतरफा युद्ध विराम की घोषणा कर दी थी 120 अहीर जवानों की बहादुरी को देखते हुए । 18 नवंबर 2021 को रेजांगला युद्ध स्मारक, पालम विहार पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा । बहुत जल्द अक्षय कुमार, फिल्म स्टार से अगले सप्ताह में मिटिंग तय हुई है ताकि इनके इस युद्ध के बारे में बताया जाय सके ताकि वहीं सुबेदारम सरजाराम यादव, वीर चक्रा की भुमिका निभायें । इस अवसर पर कर्नल रौशन लाल यादव, कर्नल राम निवास, श्री रविन्द्र यादव, डाॅ0 दिनेश कुमार यादव आदी मौजुद थे ।

P Chauhan

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