Cyber Alert: डिजिटल युग के चलते आजकल साइबर गिरोह ठगी के नए नए हथकंडे अपना रहे है।पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा ने आमजन को सचेत करते हुए बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इनमें से एक प्रमुख तरीका “फर्जी वाई-फाई नेटवर्क” (Evil Twin Attack) है, जिसके माध्यम से आम नागरिकों की निजी जानकारी चुराकर आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।SP Rewari
फर्जी वाई-फाई नेटवर्क तैयार करके ठगी: उन्होंने बताया कि इस तरीके में साइबर अपराधी पहले किसी लोकप्रिय या सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क (जैसे होटल, कैफे, रेलवे स्टेशन आदि) को निशाना बनाते हैं। हैकर उस असली वाई-फाई नेटवर्क पर बार-बार रिक्वेस्ट या तकनीकी अटैक कर उसे धीमा या अस्थायी रूप से बंद कर देते हैं। इसके बाद वे उसी नाम (SSID) से एक फर्जी वाई-फाई नेटवर्क तैयार कर देते हैं, जो देखने में बिल्कुल असली जैसा प्रतीत होता है।SP Rewari
जानिए कैसे करते है ठगी: बता दे कि जैस ही कोई यूजर उस नकली वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट होता है, उसका इंटरनेट ट्रैफिक हैकर के कंट्रोल में चला जाता है। इस दौरान साइबर अपराधी यूजर के मोबाइल या लैपटॉप में दर्ज संवेदनशील जानकारी जैसे बैंकिंग डिटेल, यूजरनेम, पासवर्ड, ईमेल आईडी, सोशल मीडिया अकाउंट, यहां तक कि ओटीपी तक हासिल कर सकते हैं। इसके बाद वे यूजर के बैंक खाते से पैसे निकालने या अन्य प्रकार के साइबर फ्रॉड को अंजाम देने में सफल हो जाते हैं।
फ्री वाई-फाई के लालच से रहे सर्तक: पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कई बार लोग बिना सोचे-समझे फ्री वाई-फाई के लालच में किसी भी नेटवर्क से कनेक्ट हो जाते हैं, जो उनके लिए खतरा बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि इंटरनेट का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरती जाए।
जानिए ऐसे करें बचाव : केवल विश्वसनीय और पासवर्ड से सुरक्षित वाई-फाई नेटवर्क का ही उपयोग करें। यदि किसी स्थान पर एक ही नाम के कई वाई-फाई नेटवर्क दिखाई दें, तो बिना पुष्टि किए किसी से भी कनेक्ट न हों। अपने मोबाइल या लैपटॉप में “ऑटो कनेक्ट” (Auto Connect) विकल्प को बंद रखें, ताकि डिवाइस अपने आप किसी अनजान नेटवर्क से न जुड़े।
पब्लिक वाई-फाई का उपयोग करते समय बैंकिंग, ऑनलाइन पेमेंट या अन्य संवेदनशील कार्य करने से बचें। किसी भी वेबसाइट पर लॉगिन करते समय यह सुनिश्चित करें कि वह “https” से सुरक्षित हो। अपने डिवाइस में एंटीवायरस, फायरवॉल तथा सिक्योरिटी अपडेट्स को हमेशा सक्रिय रखें। समय-समय पर अपने पासवर्ड बदलते रहें और मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान: यदि आपका वाई-फाई बार-बार डिस्कनेक्ट हो रहा है या अचानक कोई नया समान नाम वाला नेटवर्क दिखाई दे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी भी अनजान वाई-फाई से कनेक्ट होने के बाद बैंकिंग ऐप, ई-वॉलेट या सोशल मीडिया में लॉगिन करने से बचें। ओटीपी, पासवर्ड या किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत करें यह कार्य :तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। नजदीकी पुलिस थाना या साइबर थाने में तुरंत सूचना दें।
अंत में अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीाणा ने कहा कि “साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और सतर्कता है। थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। इसलिए हमेशा सतर्क रहें और सुरक्षित इंटरनेट का उपयोग करें।”

















