Faridabad News : बाटा ओवरब्रिज के नीचे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ?

On: March 13, 2026 10:20 AM
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Faridabad News: Major Encroachment Clearance Under Bata Overbridge

Faridabad में नगर निगम ने बृहस्पतिवार को बाटा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के नीचे अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस बल के साथ बड़ी कार्रवाई की। निगम की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से पुल के नीचे बनी लगभग 70-80 छोटी-बड़ी दुकानों, खोखों और कंटेनरों को हटाया। यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र में संभावित आग और पुल के पिलरों को नुकसान पहुंचने की आशंका के मद्देनजर तेज की गई थी।

Faridabad News: Major Encroachment Clearance Under Bata Overbridgeनगर निगम और पुलिस टीम ने कार्रवाई शुरू करते ही कई दुकानदारों से उनके सामान को सुरक्षित निकालने का अनुरोध किया। दुकानदारों ने समय मांगा, जिस पर निगम अधिकारियों ने उन्हें सोमवार तक का समय देने का निर्णय लिया ताकि वे अपना बचा हुआ सामान सुरक्षित स्थान पर ले जा सकें। हालांकि तोड़फोड़ के दौरान कई लकड़ी और लोहे के खोखे क्षतिग्रस्त हो गए। दुकानदारों का कहना है कि वर्षों से चला आ रहा उनका व्यवसाय एक ही दिन में समाप्त हो गया और अब नई जगह तलाशना उनके लिए चुनौतीपूर्ण होगा।

कार्रवाई की पृष्ठभूमि और प्रशासन की तैयारी ?

इस कार्रवाई से पहले नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने वार्ड-14 क्षेत्र का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नेशनल हाईवे से यामाहा कंपनी, बाटा फ्लाईओवर, रामनगर और मिल्हाड़ कॉलोनी तक का दौरा किया। इस दौरान पुल के नीचे और सड़क किनारे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण देखा गया, जिसके बाद अधिकारियों को इसे तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए। निगम की ओर से दुकानों और खोखों पर नोटिस भी चस्पा किए गए थे। इसी बीच मंगलवार तड़के पुल के नीचे बनी मंडी में आग लग गई थी, जिससे कई दुकानें जल गईं और पिलरों को नुकसान पहुंचने की आशंका पैदा हो गई। इस घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को प्राथमिकता दी।

नगर निगम की यह कार्रवाई न केवल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण थी, बल्कि शहर में साफ-सफाई और यातायात सुगमता के लिए भी आवश्यक मानी जा रही है। पुल के नीचे लंबे समय से अतिक्रमण के कारण न केवल सड़क का मार्ग बाधित हो रहा था, बल्कि आने-जाने वाले लोगों के लिए सुरक्षा जोखिम भी बढ़ गया था।

अतिक्रमण हटाने के बाद प्रभावित दुकानदार ?

कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों ने अपने नुकसान की चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि छोटे व्यवसायी होने के कारण नई जगह पर दुकान लगाना उनके लिए आसान नहीं होगा। कई दुकानदारों के अनुसार, पुल के नीचे वर्षों से उनका व्यवसाय चल रहा था और यह उनके परिवार की आमदनी का मुख्य स्रोत था। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना है, किसी के रोजगार को खत्म करना नहीं। दुकानदारों को उनके सामान को सुरक्षित हटाने के लिए समय दिया गया और प्रशासन ने प्रभावित लोगों को उचित सहायता मुहैया कराने का आश्वासन भी दिया। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि शहर में अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य शहर में सुरक्षा, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं का सही तरीके से संचालन सुनिश्चित करना है।

प्रशासन की योजनाएं और आगे का रास्ता ?

नगर निगम और पुलिस ने बताया कि पुल के नीचे खाली की गई जगह को अब साफ-सुथरा और व्यवस्थित किया जाएगा। भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए नियमित निगरानी बढ़ाई जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाईयों से शहर में आग, दुर्घटना और अव्यवस्था जैसी घटनाओं को रोका जा सकता है। नगर निगम का कहना है कि भविष्य में भी शहर के अन्य हिस्सों में अतिक्रमण हटाने के लिए इसी तरह की योजनाएं बनाई जाएंगी। शहरवासियों और दुकानदारों के सहयोग से यह प्रक्रिया अधिक सफल और संतुलित बन सकती है। इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि सुरक्षा और शहर के नियमन के लिए प्रशासन कोई समझौता नहीं करेगा। वहीं, प्रभावित दुकानदारों के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है, और उन्हें नए रोजगार विकल्प खोजने में स्थानीय प्रशासन का सहयोग मिलना आवश्यक होगा।

P Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

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