हिंदू धर्म में Panchang का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले लोग तिथि, नक्षत्र, योग और मुहूर्त जरूर देखते हैं। 12 मार्च 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। द्रिक पंचांग के अनुसार आज सिद्धि योग और व्यातीपात योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो कई आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। आज के दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है।
पंचांग के अनुसार आज चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। यह तिथि सुबह 06:29 बजे तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। गुरुवार का दिन गुरु ग्रह को समर्पित माना जाता है, इसलिए इस दिन पीले वस्त्र धारण करना, पीली वस्तुओं का दान करना और भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार आज सूर्य कुंभ राशि में और चंद्रमा धनु राशि में संचार कर रहे हैं, जिससे दिन की ऊर्जा आध्यात्मिक और सकारात्मक मानी जा रही है।
आज का नक्षत्र, योग और ग्रहों की स्थिति ?
द्रिक पंचांग के अनुसार आज मूल नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। मूल नक्षत्र को ज्योतिष शास्त्र में गूढ़ और शक्तिशाली नक्षत्र माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए आध्यात्मिक कार्य, साधना और पूजा विशेष फल प्रदान करते हैं। इसके साथ ही आज सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जिसे बहुत शुभ योग माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है।
इसके अलावा व्यातीपात योग भी बन रहा है, जिसे ज्योतिष में थोड़ा संवेदनशील योग माना जाता है। इस योग में नए बड़े काम शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना आवश्यक होता है। हालांकि धार्मिक कार्य, ध्यान, पूजा-पाठ और दान-पुण्य करना इस समय विशेष फलदायी माना जाता है। आज के दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और बृहस्पति देव की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आने की मान्यता है।
12 मार्च 2026 के शुभ और अशुभ मुहूर्त ?
पंचांग के अनुसार दिन में कई शुभ और अशुभ मुहूर्त भी बन रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त को सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस समय ध्यान, योग और पूजा करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त भी अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि किसी कारण से शुभ मुहूर्त न मिल पाए तो अभिजीत मुहूर्त में भी महत्वपूर्ण कार्य शुरू किए जा सकते हैं।
गोधूलि मुहूर्त भी विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। हालांकि दिन के कुछ समय को अशुभ भी माना गया है। राहुकाल में कोई भी नया काम शुरू करने से बचना चाहिए। आज राहुकाल दोपहर 02:05 बजे से 03:33 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगण्ड काल में भी शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। पंचांग के अनुसार आज विक्रम संवत 2083 चल रहा है, जिसका नाम सिद्धार्थि है। वहीं शक संवत 1947 है, जिसे विश्वावसु कहा जाता है। पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार यह चैत्र महीना है, जबकि अमांत पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास चल रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करना, केले के पेड़ पर जल चढ़ाना और भगवान विष्णु का मंत्र जप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है। इस प्रकार 12 मार्च 2026 का दिन सिद्धि योग और मूल नक्षत्र के कारण आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक कार्य किए जाएं, तो व्यक्ति को सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं और जीवन में शांति तथा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

















