Haryana सरकार के ताजा बजट ने Faridabad और Gurugram के विकास को नई दिशा दे दी है। 1550 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ ट्रैफिक जाम, कमजोर ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी और औद्योगिक विस्तार जैसी पुरानी चुनौतियों पर निर्णायक वार किया गया है। यह बजट केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि शहरों की वास्तविक समस्याओं के समाधान की स्पष्ट रणनीति पेश करता है।
ट्रैफिक जाम पर सर्जिकल स्ट्राइक
फरीदाबाद में बाटा-बडखल कॉरिडोर लंबे समय से यातायात दबाव का केंद्र रहा है। अब इस मार्ग का डिजाइन तैयार है और टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। परियोजना पूरी होने पर ग्रेटर फरीदाबाद की सीधी कनेक्टिविटी गुरुग्राम रोड से स्थापित हो जाएगी। इससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और रोजाना जाम से जूझने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
साथ ही एनआईटी-1 मार्केट में मल्टीलेवल पार्किंग के लिए बजट स्वीकृत होने से बाजार क्षेत्र की पार्किंग समस्या का समाधान होगा। व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था से न केवल ट्रैफिक सुधरेगा बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
उद्योगों को नई उड़ान – गुरुग्राम के उद्योग जगत के लिए यह बजट कई अहम सुधार लेकर आया है। लैंड फिजिबिलिटी सर्टिफिकेट की डिजिटल व्यवस्था 45 दिनों के भीतर स्वीकृति सुनिश्चित करेगी, जिससे निवेश प्रक्रिया तेज होगी। सिंगल विंडो सिस्टम उद्योगों की प्रशासनिक अड़चनों को कम करेगा।
लैंड ऑन लीज नीति विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि NCR क्षेत्र में जमीन की ऊंची कीमतों के बीच यह कदम उद्यमियों को राहत देगा। वेडिंग सिटी की घोषणा आतिथ्य, इवेंट और संबंधित सेवाओं के कारोबार को नया बाजार दे सकती है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश का मजबूत रोडमैप
औद्योगिक ढांचे को सशक्त बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये का “सक्षम” कोष और जैव-फार्मा व जीवन विज्ञान क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये की पहल प्रस्तावित है। एमएसएमई के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर, एडवांस रूलिंग पोर्टल, ग्लोबल इंडस्ट्री मैचमेकिंग प्रोग्राम और रिवर्स बायर-सेलर मीट जैसे कदम छोटे और मध्यम उद्योगों को वैश्विक अवसरों से जोड़ेंगे।
कुल मिलाकर, यह बजट फरीदाबाद और गुरुग्राम को केवल यातायात राहत ही नहीं देता, बल्कि उन्हें एक सुदृढ़ औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की मजबूत नींव भी रखता है।

















