Sachin Tomar: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव पाथेड़ा से निकलकर प्रो कबड्डी लीग में अपनी पहचान बनाने वाले कबड्डी खिलाड़ी Sachin Tomar आज युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उन्होंने अपने खेल कौशल, अनुशासन और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया। प्रो कबड्डी लीग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सचिन तोमर ने कई मुकाबलों में अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। उनकी फुर्ती, रेडिंग क्षमता और दबाव में संयम उन्हें खास बनाते हैं।

महेंद्रगढ़ जैसे अर्ध-ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर बड़े मंच तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन सचिन तोमर ने यह साबित किया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। गांव पाथेड़ा में आज भी युवाओं के बीच उनका नाम गर्व के साथ लिया जाता है। वैसे तो शादी वाले 51 लाख लेकर आए थे। लेकिन खिलाडी ने 51 लाख रूप्ए लोटाकर एक रूप्ए शुगुन लेकर एक नई पहल की है।
स्थानीय खेल प्रेमियों का मानना है कि सचिन की उपलब्धियों से क्षेत्र में कबड्डी के प्रति रुझान बढ़ा है और कई युवा अब इस खेल को पेशेवर रूप में अपनाने का सपना देख रहे हैं।
राजपूत समाज के लिए भी सचिन तोमर एक मिसाल के रूप में देखे जा रहे हैं। उन्होंने दिखाया है कि परंपराओं और मूल्यों को साथ रखते हुए आधुनिक खेल जगत में भी उत्कृष्ट स्थान हासिल किया जा सकता है।
उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और समाज के लिए गौरव का विषय है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे खिलाड़ियों को निरंतर समर्थन और बेहतर सुविधाएं मिलती रहें तो हरियाणा आने वाले समय में कबड्डी में और भी नए सितारे दे सकता है।

















