कोर्ट ने सुनाया बडा फैसला , Haryana Police के 3 SHO समेत 7 पुलिसकर्मियों पर FIR

On: February 2, 2026 8:59 PM
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IPS Suicide Case

Haryana : हरियाणा के पानीपत जिले में विभिन्न अदालतों ने न्यायिक आदेशों की अवहेलना और ड्यूटी में गंभीर लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अदालतों ने स्पष्ट किया है कि न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने या कोर्ट के आदेशों को हल्के में लेने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।Haryana

बता दे कि इसी को लेकर तीन थाना प्रभारियों सहित कुल सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में केस दर्ज किए गए हैं, जबकि तीन पुलिसकर्मियों को अदालत पहले ही सजा सुना चुकी है।अदालतों ने इन मामलों में स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।Haryana

न्यायालयों का कहना है कि पुलिसकर्मी कानून के रक्षक होते हैं और उनसे न्यायिक आदेशों के पालन की सबसे अधिक अपेक्षा की जाती है। समय पर रिपोर्ट दाखिल न करना, समन या वारंट की तामील में लापरवाही बरतना और गवाह के रूप में अदालत में उपस्थित न होना सीधे तौर पर न्याय में देरी का कारण बनता है, जिसे किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।Haryana

विस्तृत रिपोर्ट तलब : पानीपत की अदालतों में सामने आए मामलों में सेक्टर-29 थाना प्रभारी अनिल, किला थाना के एसएचओ श्रीनिवास और तहसील कैंप थाना के पूर्व एसएचओ राजीव कुमार के खिलाफ कड़ी टिप्पणियां की गई हैं। अदालत ने कुछ मामलों में एसपी पानीपत से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, जबकि कुछ मामलों में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए गए हैं। इन सभी मामलों की आगामी सुनवाई फरवरी 2026 में निर्धारित की गई है।

इसके अलावा समन और वारंट की तामील में लापरवाही बरतने पर हेड कांस्टेबल राजबीर सिंह, अदालत में गवाही देने के लिए उपस्थित न होने पर कांस्टेबल अजय और न्यायिक आदेशों की अनदेखी के आरोप में कांस्टेबल सिया राम के खिलाफ भी अदालत ने संज्ञान लिया है। कुछ मामलों में आरोपियों को बेल बॉन्ड और बैंक एफडीआर जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं कुछ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।Haryana

तीन पुलिसकर्मियों को सजा : न्यायिक आदेशों की अवहेलना के मामलों में पानीपत कोर्ट पहले ही तीन पुलिसकर्मियों को सजा सुना चुकी है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की प्री-लोक अदालत में एक उप निरीक्षक और दो महिला कांस्टेबलों को दोषी ठहराया गया। अदालत ने पाया कि समन की तामील होने के बावजूद ये पुलिसकर्मी गवाही के लिए उपस्थित नहीं हुए थे। तीनों ने अदालत के समक्ष अपना अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद न्यायालय ने उन्हें दोषी करार देते हुए कड़ी चेतावनी के साथ पहली बार अपराध मानकर नरमी बरती।Haryana

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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