Haryana News: रेवाड़ी। दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर शुक्रवार को जिला रेवाड़ी के समस्त पटवारी एवं कानूनगो जिला पटवार भवन में एकत्रित हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार द्वारा निलंबित किए गए छह पटवारियों की बहाली की मांग को लेकर सांकेतिक धरना दिया गया। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान बलजीत सिंह यादव ने की। प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से निलंबन आदेश तुरंत वापस लेने की मांग की गई।Haryana News
निलंबित किया जाना पूरी तरह से गलत: धरने को संबोधित करते हुए जिला सचिव रणबीर सिंह पटवारी ने कहा कि बिना किसी ठोस और स्पष्ट कारण के पटवारियों को निलंबित किया जाना पूरी तरह से गलत और अनैतिक है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह यूनियन की बात को गंभीरता से सुने और जनहित को ध्यान में रखते हुए निलंबित पटवारियों को तुरंत बहाल करे। उनका कहना था कि पटवारी राजस्व व्यवस्था की रीढ़ हैं और इस तरह की कार्रवाई से कर्मचारियों का मनोबल टूटता है।Haryana News
1300 पटवारियों के पद रिक्त: जिला सचिव ने प्रदेश में पटवारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हरियाणा में लगभग 1300 पटवारियों के पद रिक्त पड़े हैं, जबकि जो पटवारी कार्यरत हैं, उन पर काम का अत्यधिक बोझ है। सीमित संख्या में कर्मचारियों से लगातार अतिरिक्त कार्य लिया जा रहा है, जिससे न केवल कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि कर्मचारियों पर मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है।
उन्होंने “मेरी फसल मेरा ब्योरा” पोर्टल से जुड़े फसल सत्यापन कार्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में संबंधित अधिकारी भी शामिल रहते हैं। इसके बावजूद किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर सीधे पटवारियों को जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई की जाती है, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार पटवारियों को ही बलि का बकरा बनाया जा रहा है, जबकि जिम्मेदारी सामूहिक होती है।
आंदोलन की चेतावनी: रणबीर सिंह पटवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निलंबित किए गए पटवारियों की शीघ्र बहाली नहीं की गई तो राज्य कार्यकारिणी के निर्णय के अनुसार आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
ये रहे मौजूद: धरने में राकेश कुमार गिरियावर, विक्रम सिंह पटवारी, शिवचरण पटवारी, सुधीर पटवारी, श्रीमती कविता पटवारी सहित जिले के सभी पटवारी एवं कानूनगो मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कर्मचारियों ने एकजुटता के साथ अपनी मांगों को मजबूती से रखा।

















