Rewari News: रेवाड़ी नगर परिषद की वार्डबंदी और वार्डों के आरक्षण को लेकर दायर की गई दो याचिकाओं को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वार्डबंदी और आरक्षण की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार की गई है और इसमें किसी तरह की कानूनी खामी नहीं पाई गई। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद रेवाड़ी नगर परिषद के चुनाव तय समय पर कराए जाने की संभावना और मजबूत हो गई है। Rewari News
वार्डबंदी प्रक्रिया पर उठाए थे सवाल: बता देकि अदालत में वार्ड संख्या 16 के आरक्षण सहित पूरी वार्डबंदी प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे। आरोप लगाया गया था कि वार्डों के गठन और आरक्षण में अनियमितताएं बरती गई हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इन दलीलों के आधार पर दो अलग अलग याचिकाएं हाईकोर्ट में दायर की गई थीं। अदालत ने 22 जनवरी को इन याचिकाओं को स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तारीख निर्धारित की थी।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि नगर परिषद की वार्डबंदी और आरक्षण की प्रक्रिया पूरी तरह से निर्धारित नियमों और अधिनियमों के तहत की गई है। जनसंख्या के आंकड़ों, सामाजिक वर्गों के अनुपात और आरक्षण से जुड़े सभी प्रावधानों का पालन किया गया है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि याचिकाओं में लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और केवल चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं।
याचिकाओं को किया खारिज: दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि वार्डबंदी और आरक्षण की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई है। अदालत के इस निर्णय के साथ ही नगर परिषद चुनाव को लेकर बना असमंजस समाप्त हो गया है।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी चुनाव की तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना है। लंबे समय से वार्ड आरक्षण को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया समाप्त होने से अब राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की नजरें आगामी नगर परिषद चुनाव पर टिक गई हैं। माना जा रहा है कि अदालत के निर्णय से चुनाव प्रक्रिया को समय पर पूरा करने का रास्ता साफ हो गया है।

















