Haryana news: गुरुग्राम में बढ़ते शहरी विस्तार और लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव को देखते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ मेट्रो कॉरिडोर बनाए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। शहर के लोगों और विकास से जुड़े संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते सार्वजनिक परिवहन के मजबूत विकल्प नहीं विकसित किए गए, तो आने वाले वर्षों में ट्रैफिक जाम एक गंभीर समस्या का रूप ले सकता है।
इसी मांग को लेकर विकास प्राधिकरण की ओर से केंद्रीय मंत्री को करीब छह हजार हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि द्वारका एक्सप्रेसवे के दोनों ओर तेजी से रिहायशी और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। बड़ी संख्या में लोग रोजाना दिल्ली और गुरुग्राम के बीच आवागमन करते हैं, जिससे एक्सप्रेसवे पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि वर्तमान सड़क आधारित परिवहन व्यवस्था भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं होगी। यदि मेट्रो कॉरिडोर की योजना को अभी से अमल में नहीं लाया गया, तो आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र में लंबा और स्थायी ट्रैफिक जाम आम बात हो जाएगी। मेट्रो कनेक्टिविटी से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि प्रदूषण और ईंधन की खपत में भी कमी आएगी।
विकास प्राधिकरण ने केंद्रीय मंत्री से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है, ताकि भविष्य की समस्याओं से पहले ही निपटा जा सके। ज्ञापन सौंपने वालों का कहना है कि द्वारका एक्सप्रेसवे को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ना गुरुग्राम के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी है। इससे आसपास के सेक्टरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आम लोगों को राहत मिलेगी

















