Haryana News: किसी ने ठीक ही कहा है सच्चाई की हमेशा जीत होती है। हरियाणा में फसल बीमा क्लेम घोटाले को लेकर किसानों की लंबे समय से चल रही लड़ाई में बडी सफलता मिली है। कृषि विभाग हरियाणा के संयुक्त निदेशक राजीव मिश्रा को फसल बीमा क्लेम घोटाले में प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव पंकज अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।Haryana News
यह फैसला हरियाणा सचिवालय, चंडीगढ़ में आयोजित स्टेट ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी की सुनवाई के दौरान लिया गया। इस कार्रवाई को राज्य में फसल बीमा घोटाले के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त और अहम कदम माना जा रहा है, जिससे किसानों को बड़ी राहत की उम्मीद जगी है।Haryana News
सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों, दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर संयुक्त निदेशक की भूमिका को संदिग्ध पाया गया। इसके बाद सरकार ने बिना देरी किए निलंबन के आदेश जारी कर दिए। इस निर्णय के बाद फसल बीमा क्लेम घोटाले में शामिल अन्य अधिकारियों और संबंधित पक्षों के खिलाफ भी कार्रवाई का रास्ता खुल गया है और जांच के दायरे को और व्यापक किया जा सकता है।
फसल बीमा क्लेम में किया था बडा घोटाला: भिवानी और चरखी दादरी जिले के किसान पिछले कई महीनों से फसल बीमा क्लेम घोटाले की निष्पक्ष जांच और भुगतान की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों का आरोप है कि क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर फसल बीमा क्लेम में गड़बड़ी की गई।
SGRC की सुनवाई के दौरान बीमा क्लेम घोटाले में नामजद कंपनी क्षेमा जनरल इंश्योरेंस की ओर से समय पर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, जिस पर मुख्य सचिव ने कंपनी के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
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दो साल बाद मिला न्याय: बता दे कि हजारों किसानों का खरीफ 2023 का बीमा क्लेम आज तक लंबित है। किसानों का कहना है कि जानबूझकर फाइलों को रोका गया और नियमों की अनदेखी करते हुए भुगतान नहीं किया गया। राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने संसद में प्रभावी ढंग से उठाया था।
फसल बीमा क्लेम का रास्ता साफ: उन्होंने फसल बीमा क्लेम घोटाले की निष्पक्ष जांच, किसानों को उनका हक दिलाने और दोषी अधिकारियों व बीमा कंपनी पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। सांसद के हस्तक्षेप और लगातार किसान आंदोलन के बाद अब संयुक्त निदेशक के निलंबन को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद जांच में तेजी आएगी और भिवानी-दादरी क्षेत्र के हजारों किसानों का अटका हुआ फसल बीमा क्लेम जारी होने का रास्ता साफ हो सकता है।

















