Haryana Politics: बिहार विधानसभा चुनाव में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी का प्रचार अभियान बेहद सफल रहा। तीन दिन के दौरे में उन्होंने आठ रैलियों को संबोधित किया और भाजपा गठबंधन ने इन सभी आठ सीटों पर जीत हासिल की। इस सफलता ने हरियाणा भाजपा के उत्साह को भी बढ़ा दिया है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 29 अक्टूबर को भोजपुर जिले की तरारी विधानसभा सीट से चुनाव प्रचार की शुरुआत की, जहां भाजपा के विशाल प्रशांत ने कम्युनिस्ट पार्टी के मदन सिंह को हराया। इसके बाद 4 नवंबर को गया जिले की वजीरगंज सीट पर जनसभा की, जहां भाजपा के बीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस के अवधेश कुमार सिंह को मात दी। इसी तरह पूर्वी चंपारण की रामनगर, औरंगाबाद की गोवा, गया की गुरुआ, रोहतास की डेहरी, पश्चिमी चंपारण की बगहा और भोजपुर की आरा सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने शानदार जीत दर्ज की।
हरियाणा के इस प्रचार अभियान की सफलता में प्रदेश के कई बड़े नेताओं और करीब 200 से अधिक वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की मेहनत भी शामिल रही। मंत्री विपुल गोयल, कृष्ण बेदी, सतीश पूनिया सहित कई नेता बिहार में डटे रहे और भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया।
छठ पूजा के दौरान हरियाणा सरकार ने बिहार के प्रवासी मतदाताओं को वोटिंग के लिए अवकाश और वेतन की सुविधा दिलाने में मदद की। इसके कारण बड़ी संख्या में बिहारी मजदूर अपने घर जाकर वोट डाल सके, जिससे भाजपा गठबंधन को चुनाव में भारी फायदा मिला।
मुख्यमंत्री नायब सैनी के प्रचार का अंदाज बिहार के लोगों को खासा पसंद आया। उन्होंने कहा कि जिस तरह हरियाणा में भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार विकास कर रही है, उसी तरह बिहार में भी ऐसा शासन बनेगा। उनका नारा “मैं भी बिहारी हूं” बिहार के मतदाताओं के बीच खूब वायरल हुआ।
इस जीत के साथ भाजपा गठबंधन ने बिहार में 243 सीटों में से 83 सीटें बढ़ाकर बड़ी सफलता हासिल की है, जबकि महागठबंधन केवल 35 सीटों पर सिमटकर रह गया। यह जीत हरियाणा के भाजपा नेताओं के कड़े प्रचार और रणनीति का परिणाम है।

















