Haryana: हरियाणा के असंध से भाजपा विधायक योगेंद्र सिंह राणा ने ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय विशेष टास्क फोर्स के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे राज्य के गांवों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर नई जागरूकता पैदा हो सके। यह अभियान हरियाणा की सभी ग्राम पंचायतों के सहयोग से चलाया जाएगा। राणा ने पदभार ग्रहण करते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य गांवों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाना है, ताकि ग्रामीण जीवन स्तर को नई दिशा दी जा सके।
इस विशेष अभियान के तहत राज्यभर के गांवों में सड़कों, गलियों और तालाबों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही, गांवों में कूड़े को छंटाई प्रणाली (garbage segregation) के माध्यम से निपटाने की व्यवस्था लागू की जाएगी, जैसा कि शहरी क्षेत्रों में किया जाता है। योगेंद्र सिंह राणा ने कहा कि यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामवासियों में स्वच्छता की आदत विकसित करने और पर्यावरण संरक्षण की भावना को भी प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए ग्राम पंचायतों को आवश्यक उपकरण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
योगेंद्र सिंह राणा ने यह जिम्मेदारी चंडीगढ़ स्थित पंचायत भवन, सेक्टर 28 में संभाली। इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, पंचायती एवं विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, इंद्री विधायक रामकुमार कश्यप, निलोखेड़ी विधायक भगवान दास कबीरपंथी, और भाजपा के राज्य संगठन मंत्री फनीन्द्रनाथ शर्मा भी उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने राणा को बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में ग्रामीण स्वच्छता से जुड़े कार्यों को नई गति और दिशा मिलेगी।
राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा सरकार अब ‘स्वच्छ ग्राम, सशक्त ग्राम’ के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में टास्क फोर्स गांव-गांव जाकर स्वच्छता अभियान की निगरानी करेगी और पंचायतों को बेहतर कार्य के लिए पुरस्कृत भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “हमारा उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि स्वच्छता को जन आंदोलन बनाना है, ताकि हर नागरिक इसमें अपनी भूमिका निभाए।” कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने भी कहा कि हरियाणा का ग्रामीण ढांचा राज्य की रीढ़ है, और यदि गांव स्वच्छ और व्यवस्थित होंगे तो पूरे राज्य का विकास स्वतः सुनिश्चित होगा।

















