Delhi News: राजधानी दिल्ली में हर दिन लाखों वाहन सड़क पर चलते हैं। इनमें से कई वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर देते हैं, चाहे जानबूझकर या अनजाने में। ऐसे ही कई चालान दिल्ली सरकार के पास लंबित पड़े हैं। अब खबर आ रही है कि दिल्ली की वर्तमान सरकार लंबित चालानों को माफ करने या उनमें छूट देने पर विचार कर रही है। इसके लिए आज कैबिनेट की एक अहम बैठक होने वाली है, जिसमें इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी।
अगर कैबिनेट से मंजूरी मिलती है तो बड़ी संख्या में लोगों को इस एमनेस्टी स्कीम के तहत राहत मिल सकती है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली में करीब 2 करोड़ 46 लाख ट्रैफिक चालान अभी लंबित हैं। इस स्कीम के तहत 10 साल तक पुराने चालान पर 70 प्रतिशत तक की छूट दी जा सकती है। चालान की शेष राशि जमा कराने के बाद यह लंबित मामले बंद किए जा सकते हैं।
दिल्ली की वर्तमान बीजेपी सरकार के नेतृत्व में यह योजना लागू करने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले भी इसी तरह की योजना दिल्ली की पूर्व सरकार ने लागू करने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो पाई थी।
यह राहत केवल उन चालानों पर मिलेगी जो कंपाउंडेबल यानी कोर्ट के बाहर ही जमा किए जा सकते हैं। यानी ऐसे चालान जिनमें जुर्माना कोर्ट की बजाय सीधे ट्रैफिक विभाग को दिया जा सकता है।
हालांकि, इस स्कीम के तहत गंभीर अपराधों वाले चालानों पर राहत नहीं दी जाएगी। इनमें शराब पीकर वाहन चलाना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना, अनधिकृत ड्राइविंग और रैश ड्राइविंग जैसे गंभीर उल्लंघन शामिल हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस पहल का मकसद दिल्ली के ट्रैफिक सिस्टम को सुधारना और लोगों को नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही सरकार का उद्देश्य लंबित चालानों को निपटाकर ट्रैफिक व्यवस्था को और व्यवस्थित बनाना भी है।
यदि यह योजना सफल होती है तो इससे आम जनता को काफी राहत मिलेगी और साथ ही ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कम करने में मदद भी मिलेगी। सरकार की इस योजना पर लोगों की नजरें टिकी हैं और उम्मीद है कि जल्द ही इसका लाभ आम नागरिकों को मिलेगा।

















