Haryana सरकार ने हरियाणा दिवस के अवसर पर महिलाओं के लिए बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना की पहली किस्त जारी करते हुए 5 लाख 22 हजार 162 महिलाओं के खातों में ₹2100 की राशि ट्रांसफर की। यह योजना भाजपा का चुनावी वादा था, जिसे अब सरकार ने पूरा कर दिखाया है। सीएम सैनी ने कहा कि “यह मोदी की गारंटी थी, और मोदी की गारंटी का मतलब है कि काम ज़रूर होगा।” इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली का भी शुभारंभ किया। सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे शनिवार को भी कैंप आयोजित कर पात्र महिलाओं का रजिस्ट्रेशन करवाएं, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ सकें।
इस योजना के पहले चरण में उन महिलाओं को शामिल किया गया है जो सरकार द्वारा तय की गई तीन मुख्य शर्तें पूरी करती हैं — परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये या उससे कम हो, महिला की उम्र 23 वर्ष या उससे अधिक हो, और विवाहित महिला का पति कम से कम 15 वर्षों से हरियाणा का मूल निवासी हो। इस योजना के लिए 25 सितंबर को एप लॉन्च किया गया था, जिसके बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई। योजना की खास बात यह है कि एक परिवार में पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र बहन-बेटी इस योजना से वंचित न रहे।
दूसरे चरण में शामिल होंगी अधिक आय वर्ग की महिलाएं
दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना को सरकार चार चरणों में लागू करने जा रही है। पहले चरण में ₹1 लाख वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को शामिल किया गया है, जबकि दूसरे चरण में ₹1.40 लाख वार्षिक आय तक की महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। सरकार इस चरण की घोषणा 2026 के बजट में कर सकती है। तीसरे चरण में ₹1.80 लाख और चौथे चरण में ₹3 लाख वार्षिक आय तक के परिवारों की महिलाओं को योजना में जोड़ा जाएगा। भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले वादा किया था कि राज्य की हर पात्र महिला को ₹2100 प्रति माह दिए जाएंगे। इस दिशा में पहला कदम अब आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है।
सिर्फ एक चौथाई महिलाओं ने किया आवेदन, सरकार लगाएगी कैंप
योजना की शुरुआत में सरकार ने दावा किया था कि पहले चरण में 21 लाख महिलाएं इससे जुड़ेंगी, लेकिन अब तक केवल 6.97 लाख महिलाओं ने आवेदन किया है। इनमें से 5.22 लाख महिलाओं को पात्र माना गया और उन्हें पहली किस्त जारी कर दी गई। बताया जा रहा है कि लगभग 1000 पुरुषों ने भी इस योजना में आवेदन करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें अयोग्य करार दिया गया। सरकार का मानना है कि आवेदन प्रक्रिया के बारे में जागरूकता की कमी और दस्तावेजी औपचारिकताएं आवेदन संख्या कम होने का कारण हैं। इसलिए अब सरकार ने हर जिले में कैंप लगाने का निर्णय लिया है, ताकि बाकी महिलाएं भी रजिस्ट्रेशन कर सकें और अगले महीने से योजना का लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि “लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा की बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक है।” उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे राज्यों को भी हरियाणा से प्रेरणा लेनी चाहिए, क्योंकि यह योजना महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक कदम है।

















