रोहतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बिना पर्ची और बिना खर्ची के अब तक 1.80 लाख युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। तीसरे कार्यकाल में दो लाख और युवाओं को रोजगार देगी। जिसके लिए जलद ही भर्तियां निकाली जाएगी।
बता दे कि हरियाणा सरकार शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे सुधारों पर काम कर रही है, जिनसे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर भी मिलें और वे समाज तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को रोहतक स्थित बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय, अस्थल बोहर के चौथे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। सीएम सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश की भावी पीढ़ी को ऐसी शिक्षा मिले जो उन्हें रोजगार सक्षम, चरित्रवान और नैतिक मूल्यों से संपन्न बनाए।
इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति महंत बालक नाथ योगी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को उपाधियां और मेडल प्रदान किए और उन्हें देश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
देशभर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है, और हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने वर्ष 2024 में अपने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में इसे पूरी तरह लागू कर दिया है।
बेहतर प्लेसमेंट को लेकर किए समझोते: हरियाणा के सीएम ने कहा कि 21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौती शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटना है। इसके लिए राज्य सरकार ने शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। तकनीकी संस्थानों में विद्यार्थियों की बेहतर प्लेसमेंट के लिए 580 से अधिक उद्योगों से समझौते किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हरियाणा में ऐसे शिक्षण संस्थान विकसित किए जा रहे हैं जहां केजी से लेकर पीजी तक की शिक्षा एक ही परिसर में दी जाएगी। कई विश्वविद्यालयों में ‘केजी टू पीजी’ स्कीम के तहत दाखिले भी शुरू हो चुके हैं।
















