चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए एक नई पहल की है। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की ओर से अब इस वर्ग के युवाओं को ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग दी जाएगी।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी दक्षता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ना है। ड्रोन पायलट बनने के बाद युवाओं को कृषि में छिड़काव, वीडियो एवं फोटोग्राफी, सर्विलांस और निगरानी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत फरीदाबाद और नूंह में 22-22 युवाओं को जबकि गुरुग्राम में 26 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह राज्य के अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित होना आवश्यक है।
इसके अलावा, आवेदक की पारिवारिक वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास निर्धारित की गई है। आवेदन ऑफलाइन माध्यम से निगम कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि यह योजना युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल सिखाकर उन्हें स्वरोजगार और कृषि क्षेत्र में अवसर प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस ट्रेनिंग में महिलाएं भी आवेदन कर सकेंगी, जिससे उन्हें भी नई तकनीक सीखने और रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
इस पहल से हरियाणा के अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में नई राह मिलेगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर राज्य के विकास में योगदान दे सकेंगे।
नूंह के उपायुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि पात्रता मानदंड स्पष्ट रूप से तय किए गए हैं और इच्छुक उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए क्षेत्रीय अधिकारी मोहन लाल से मोबाइल नंबर 9729788522 पर संपर्क कर सकते हैं।

















