हरियाणा सरकार ने न्यायिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। 1 अक्टूबर 2025 से राज्य की सभी अदालतों में समन और वारंट इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जारी किए जाएंगे।Haryana News
इसके लिए गृह विभाग ने “हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक प्रोसेस नियम” लागू कर दिए हैं। इस व्यवस्था के तहत अब कोर्ट द्वारा जारी नोटिस सीधे ई-मेल, मोबाइल नंबर या मैसेजिंग एप्लिकेशन के जरिए संबंधित व्यक्ति तक पहुंचेंगे।Haryana News
अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी कारणवश डिजिटल माध्यम से समन भेजना संभव नहीं होगा, तो पुलिस इकाई या समन सेल उसकी डिलीवरी सुनिश्चित करेगी। हर इलेक्ट्रॉनिक समन पर अदालत की डिजिटल मोहर और ई-हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।
इसके अलावा ई-समन का प्रिंटआउट भी आधिकारिक दस्तावेज की तरह मान्य होगा। इससे प्रक्रिया में देरी और गड़बड़ी की संभावना काफी कम हो जाएगी।
राज्य स्तर पर इस व्यवस्था की निगरानी के लिए आईजी कानून एवं व्यवस्था, एडीजी (एडमिन), लीगल रिमाइंडर और अभियोजन विभाग के अधिकारियों को शामिल करते हुए नोडल एजेंसी बनाई गई है। वहीं जिला स्तर पर समन सेल की कमान सब-इंस्पेक्टर या उससे वरिष्ठ अधिकारी के पास होगी और सभी रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल रूप से सुरक्षित रखे जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
















