Haryana News: चंडीगढ़ में फायरमैन भर्ती घोटाले का राज खुल गया है। हाल ही में पकडे गए मास्टरमाइंड सतीश को पुलिस ने काबू कर लिया है। जांच में बडा खुलासा हुआ है। उसने अपने भांजे को हरियाणा पुलिस और सोमवीर ने जीजा को फर्जी तरीके से फायरमैन भर्ती करवाया था। बता दें कि दोनों उम्मीदवारों की परीक्षा किसी और ने दी थी। Fireman
फर्जी फायरमैन की नियुक्ति: जांच में सामने आया है कि लगभग 60 से अधिक फर्जी फायरमैन की नियुक्ति की गई थी। इन भर्तियों 10-10 लाख रुपये लिए गए थे। हालांकि फायरमैन भर्ती घोटाले की जांच तीन वर्षों से लंबित है। Haryana News
गिरफ्तार हुए सतीश ने खुलासा किया था कि उसने अपने भांजे की लिखित परीक्षा देकर हरियाणा पुलिस में भर्ती करवाया था। वहीं सोमवीर ने अपने जीजा को चंडीगढ़ दमकल विभाग में फायरमैन भर्ती करवाया। दोनों वर्तमान में ठाट से नौकरी कर रहे हैं।
परीक्षा देते पकड़ा गया था सतीश
वर्ष 2023 में एएसआई भर्ती परीक्षा के दौरान चार फर्जी उम्मीदवार पकड़े गए थे। सोनीपत निवासी सतीश को एक असली उम्मीदवार की जगह परीक्षा देते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सतीश ने बताया कि वह सोमवीर नामक व्यक्ति के साथ मिलकर फायरमैन की फर्जी भर्ती में शामिल था।
जानिए कैसे खुला राज: जांच में यह भी सामने आया कि इनकी जगह किसी और ने परीक्षा दी थी। अभी तक पुलिस परीक्षा देने वाले आरोपियों को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। सतीश 2015 में सोनीपत में यूजीसी नेट परीक्षा में दूसरे की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया था। इस मामले में सोनीपत में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज है।
पुलिस ने चार्जशीट में सतीश के भांजे जयदीप और सोमवीर के जीजा समेत परीक्षा देने वाले रोहतक यूनिवर्सिटी में तैनात रिंकू का नाम शामिल किया था लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।Haryana News

















