Haryana News: चंडीगढ़: हरियाणा के किसानों और भूमि मालिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने वर्षों से लंबित भूमि विवादों और संयुक्त स्वामित्व की जटिलताओं को हल करने के लिए हरियाणा भूमि-राजस्व (संशोधन) अधिनियम, 2025 को लागू कर दिया है। यह संशोधित कानून अब भूमि विभाजन की प्रक्रिया को तेज़, पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा। Haryana News
संशोधन की प्रमुख बातें:
🔹 संयुक्त स्वामियों के विवाद अब जल्दी सुलझेंगे
नए कानून के तहत, राजस्व अधिकारी स्वतः संज्ञान लेते हुए सभी सह-स्वामियों को नोटिस जारी कर सकेंगे। भूमि विभाजन के लिए छह महीने की समय-सीमा तय की गई है।
🔹 धारा 114 समाप्त – अब अकेले स्वामी भी कर सकेगा आवेदन
पहले सभी सह-स्वामियों की सहमति जरूरी होती थी, लेकिन अब कोई भी एक सह-स्वामी स्वतंत्र रूप से आवेदन कर सकता है, और उसका हिस्सा अलग किया जा सकेगा। Haryana News
🔹 धारा 111-ए का विस्तार – पति-पत्नी को रखा गया अपवाद में
अब यह धारा सभी रक्त संबंधियों पर लागू होगी, जिससे पारिवारिक विवादों का निपटारा आसान होगा। पति-पत्नी को इस प्रावधान से बाहर रखा गया है ताकि परिवार की कोर यूनिट पर असर न पड़े।
भूमि रिकॉर्ड होंगे नियमित
इस कानून से भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण और अपडेट तेज़ी से होगा, जिससे किसानों को अपने हिस्से का स्पष्ट और कानूनी हक मिलेगा।
न्यायालयों पर दबाव होगा कम, किसान होंगे सशक्त
वित्त आयुक्त एवं गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि यह संशोधन भूमि प्रशासन को सरल, तेज और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में उठाया गया क्रांतिकारी कदम है। इससे न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या घटेगी, बल्कि किसानों को उनके हिस्से पर स्वतंत्र स्वामित्व और उपयोग का अधिकार भी सुनिश्चित होगा। Haryana News

















