Haryana News: अब हरियाणा के गांवों को भी शहरों की तर्ज पर साफ किया जाएगा। सरकार ने गांवों से घरेलू कचरे को उठाने के लिए भी पूरी व्यवस्था की है। इसके लिए नियमों में छूट भी दी गई है। सरकार ने 10 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों की ग्राम पंचायतों को हायर टिपर डंपर देने का फैसला किया था।Haryana News
अब सरकार ने फैसला किया है कि 7500 से अधिक आबादी वाले सभी गांवों को डंपर दिए जाएंगे। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में बड़े गांवों के लिए 298 हॉपर टिपर डंपर खरीदने को भी मंजूरी दे दी गई है।Haryana News
जिस कंपनी को ठेका दिया गया है, उसे जल्द डिलीवरी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। डिलीवरी मिलते ही सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों को डंपर भेज दिए जाएंगे। डंपर खरीदने के लिए कमेटी ने 19 करोड़ रुपये से अधिक का बजट भी मंजूर किया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2025-26 के बजट में इसकी घोषणा की थी। यह योजना बजट लागू होने के करीब दो महीने के भीतर पूरी हो गई है। महाग्रामों के साथ-साथ आसपास के छोटे गांवों से आने वाले कूड़े को उठाने के लिए डंपरों का प्रबंधन ग्राम पंचायतें करेंगी।
पांच से छह गांवों को मिलाकर एक क्लस्टर बनाया जाएगा। इन गांवों का कूड़ा इसी क्लस्टर में एकत्र किया जाएगा और फिर उसका निस्तारण किया जाएगा। आने वाले समय में कूड़े से खाद और बिजली बनाने की भी योजना है।Haryana News
डोर-टू-डोर कलेक्शन
शहरों की तर्ज पर प्रदेश के सभी गांवों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना पर काम शुरू हो गया है। कुछ गांवों में यह योजना लागू हो गई है। सरकार ने विकास एवं पंचायत विभाग को सभी ग्राम पंचायतों में इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना में स्वयं सहायता समूहों की मदद ली जाएगी। स्वयं सहायता समूहों को इसके एवज में मासिक मानदेय दिया जाएगा।Haryana News
क्लस्टर में होगी प्रोसेसिंग
पंचायत विभाग ने आसपास के गांवों को मिलाकर क्लस्टर बनाए हैं। क्लस्टरवार कूड़ा एकत्र करने के लिए शेड बनाए गए हैं। बड़े गांवों और आस-पास के गांवों से कूड़ा डंपरों में भरकर इन क्लस्टरों में लाया जाएगा। यहां पर उसका प्रसंस्करण किया जाएगा। अभी तक इन प्लांटों में कूड़े से खाद बनाने की व्यवस्था है। प्रसंस्करण के जरिए कूड़े से प्लास्टिक, कांच आदि को अलग किया जाता है।Haryana News

















