Haryana : प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए जमीनी स्तर पर सख्त और तकनीकी पहल शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रियल टाइम ट्रैकिंग पोर्टल और मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया. जिसके जरिए घर-घर से कचरा उठाने के कार्य की सीधी निगरानी संभव हो सकेगी.Haryana
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि न्याय केवल मिले ही नहीं, बल्कि समयबद्ध, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम व्यवस्था के माध्यम से हर नागरिक तक पहुंचे। हरियाणा सरकार नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन द्वारा इस विज़न को धरातल पर उतारते हुए न्याय प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को नई मजबूती प्रदान कर रही है।
अब आम लोग भी देख सकेंगे सफाई कर्मचारियों की लोकेशन
सरकार द्वारा लॉन्च किए गए रियल टाइम ट्रैकिंग सिस्टम की मदद से अब सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में तैनात सफाई वाहनों और कर्मचारियों की लाइव लोकेशन ऑनलाइन देखी जा सकेगी. यह सुविधा आम नागरिकों के लिए भी उपलब्ध होगी. जिससे लोग जान सकेंगे कि उनके क्षेत्र में कब सफाई वाहन पहुंचेगा.
सीएम ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिला नगर आयुक्त (DMC) और नगर निगम आयुक्त (MC) के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल सहित तमाम उच्चाधिकारी शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने कहा कि “स्वच्छता हमारी पहली प्राथमिकता है और प्रदेश में कहीं भी गंदगी का ढेर नहीं दिखना चाहिए.”
सड़कों के गड्ढे भरने और मरम्मत का टारगेट
बैठक के दौरान सीएम ने निर्देश दिए कि प्रदेश की सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को भरने का कार्य 15 जून 2025 तक पूरा किया जाए. जिन ठेकेदारों की कार्यप्रणाली खराब पाई जाएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
सीसीटीवी और सीवरेज की सफाई पर भी ध्यान
मुख्यमंत्री ने सभी शहरों के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए ताकि सार्वजनिक जगहों की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सके. इसके साथ ही 15 जून तक सभी नालों और सीवरेज लाइनों की सफाई पूरी करने का आदेश दिया गया है. ताकि बरसात के मौसम में जलभराव से बचा जा सके.
समाधान शिविरों की शिकायतों का जल्द समाधान जरूरी
सीएम सैनी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि समाधान शिविरों में प्राप्त जन शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जाए. आम जनता की समस्याओं को समय रहते हल करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन मामलों में 10 वर्ष से कम सजा का प्रावधान है और जिनमें चार्जशीट दाखिल की जानी है, उन मामलों के जांच अधिकारियों (आईओ) को 45वें दिन से प्रतिदिन एसएमएस के तौर पर अलर्ट भेजे जाएं, ताकि वे निर्धारित 60 दिनों की समयसीमा के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सबमिट कर सकें।
उन्होंने कहा कि जिन गंभीर मामलों में 10 वर्ष से अधिक सजा का प्रावधान है, उनमें जांच के लिए 90 दिनों की समयसीमा निर्धारित है, लेकिन 60वें दिन से ही निगरानी एवं रिपोर्टिंग की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर देरी की संभावना न रहे। इसमें भी उसी प्रकार से अलर्ट भेजे जाएं, ताकि वो भी चार्जशीट सबमिट करने में देरी ना करे।













