fastag update: अब आप सिर्फ 250 रुपये महीने में टोल पास बनवा सकते हैं, जानिए फास्टैग का नया नियम

On: March 22, 2026 9:24 AM
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हाईवे पर रोजाना सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब आपको हर बार टोल प्लाजा पर पैसे देने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि सरकार ने फास्टैग को लेकर नया अपडेट जारी किया है। इसके तहत अब आप सिर्फ ₹250 महीने के शुल्क पर चुनिंदा रूट्स पर अनलिमिटेड सफर कर सकते हैं।

यह योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए लाई गई है जो ऑफिस या बिजनेस के लिए रोजाना एक ही रूट पर सफर करते हैं।

क्या है फास्टैग और कैसे काम करता है?

फास्टैग RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) तकनीक पर आधारित एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है। इसे वाहन की विंडस्क्रीन पर चिपकाया जाता है। जब आपका वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है तो वहां लगा सेंसर फास्टैग को स्कैन कर लेता है और टोल शुल्क अपने आप आपके अकाउंट से कट जाता है।

मुख्य लाभ:

टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं

समय की बचत

ऑनलाइन रिचार्ज की सुविधा

नकदी का झंझट नहीं

क्या है नया अपडेट? सिर्फ़ ₹250 में मासिक टोल पास

सरकार ने एक नई योजना शुरू की है, जिसके तहत आप कुछ चुनिंदा टोल प्लाजा पर ₹250 देकर एक महीने तक असीमित बार यात्रा कर सकते हैं। इससे आपको हर बार टोल चुकाने से छुटकारा मिलेगा।

इससे सबसे ज़्यादा फ़ायदा किसे होगा?

यह योजना ख़ास तौर पर उन लोगों के लिए फ़ायदेमंद है जो रोज़ाना एक ही रूट पर यात्रा करते हैं। जैसे:

ऑफिस जाने वाले कर्मचारी

डिलीवरी वैन या छोटे ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर

एक ही रूट पर काम करने वाले कैब और ऑटो ड्राइवर

उदाहरण से समझें:

रमेश रोज़ाना अपनी कार से मेरठ से नोएडा जाते हैं। हर रोज़ उन्हें करीब ₹60 टोल देना पड़ता है, जो एक महीने में ₹1500 हो जाता है। लेकिन अब वे ₹250 में मासिक पास लेकर सीधे ₹1200 बचा सकते हैं।

कौन सी बातें ध्यान में रखनी चाहिए?

यह योजना सभी टोल प्लाजा पर लागू नहीं है।

पास केवल पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगा।

यदि आप मार्ग बदलते हैं, तो आपको अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।

पास को हर महीने समय पर नवीनीकृत किया जाना चाहिए।

सटीक जानकारी के लिए संबंधित टोल प्लाजा या वेबसाइट देखें।

 

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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