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Bull Farming Scheme: किसानों की हुई बल्ले बल्ले! अब बैल खेती पर हरियाणा सरकार देगी 30 हजार रूपए, बस ये करना होगा काम

On: April 13, 2025 10:32 AM
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Bull Farming Scheme: किसानों की हुई बल्ले बल्ले! अब बैल खेती पर हरियाणा सरकार देगी 30 हजार रूपए, बस ये करना होगा काम

Bull Farming Scheme : हरियाणा में एक बार फिर बैलों से खेत जोते जाएंगे। कुछ साल पहले जब आधुनिक कृषि उपकरण और ट्रैक्टरों की एंट्री हुई, तो खेती में बैलों का उपयोग लगभग खत्म हो गया था। लेकिन अब हरियाणा सरकार ने एक नई योजना (Bull Farming Scheme) शुरू की है, जिसके तहत बैलों से खेती करने वाले किसानों को हर साल ₹30,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

Bull Farming Scheme: यह योजना मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों (Small and Marginal Farmers) के लिए फायदेमंद होगी। इस योजना का उद्देश्य केवल बैलों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को आर्थिक सहायता (Incentive for Farmers) प्रदान करना और जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देना भी है।

बैल संरक्षण और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा: सरकार का उद्देश्य बैल संरक्षण और जैविक खेती को बढावा देना है। क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में खेती में आधुनिक मशीनों के बढ़ते उपयोग के कारण बैलों का पालन खत्म हो गया था। अब इस योजना के तहत पारंपरिक खेती को दोबारा जीवित करने के लिए किसान स्पेशल किसानो ये स्कीम चलाकर आफर दे रही है।

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क्या है  फायदे: बता दे कि बैल आधारित खेती से मिट्टी की उर्वरता (Soil Fertility) बनी रहेगी। अरासायनिक खादों (Chemical Fertilizers) की बजाय प्राकृतिक खादों का उपयोग बढ़ेगा। पर्यावरण पर मशीनों से होने वाले प्रदूषण (Pollution) में कमी आएगी। किसानों की खेती लागत (Farming Cost) घटेगी और वे आत्मनिर्भर बनेंगे। बैल पालन से किसानों को आर्थिक लाभ भी होग।

इस योजना से किसानों को कई आर्थिक लाभ होंगे। बैल पालन की लागत कम करने के लिए ₹30,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिससे किसान बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के खेती कर सकें।

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इसके अलावा, अक्सर छोटे बछड़ों को बेकार समझकर छोड़ दिया जाता था, लेकिन अब वे भी खेती में उपयोगी साबित होंगे। इससे किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन (High Yield with Low Cost) मिलेगा और कृषि क्षेत्र में बैलों की भूमिका फिर से स्थापित होगी।

कृषि विभाग कर रहा सर्वेक्षण: इसी को लेकर सरकार ने बडी पहल शुरू की है। हरियाण सरकार ने योजना को प्रभावी बनाने के लिए सभी जिलों से बैल आधारित खेती करने वाले किसानों की जानकारी मांगी है।

 

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अगर आप भी बैल आधारित खेती करना चाहते हैं या गोबर गैस प्लांट लगाना चाहते हैं, तो इसके लिए अपने जिले के कृषि विभाग कार्यालय (District Agriculture Department) या नजदीकी कृषि सेवा केंद्र (Agriculture Service Center) से संपर्क कर सकते हैं।

 

Bull Farming Scheme: राज्य सरकार की यह नई योजना छोटे किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है। इससे खेती की लागत घटेगी, बैल पालन को बढ़ावा मिलेगा और जैविक खेती को नई ताकत मिलेगी।

बैल आधारित खेती को अपनाने से किसान न सिर्फ अपनी आजीविका को सुरक्षित कर सकते हैं, बल्कि पर्यावरण को भी बेहतर बना सकते हैं। सरकार की यह पहल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी और पारंपरिक खेती को फिर से जीवंत करेगी।

Harsh

मै पिछले पांच साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है।

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