Hero MotoCorp Dharuhera: हरियाणा के जिला रेवाड़ी के कस्बा धारूहेड़ा में स्थपित हीरो मोटा कोर्प में कर्मचारी यूनियन का 31 वां चुनाव होने 28 मार्च 2025 को है। करीब तीन साल संघर्ष के बाद यहां पर कर्मचारी यूनियन बनाई गई थी। हीरो होंडा में पहला चुनाव 1990 में हुआ था जिसमें राजेंद्र बांगड प्रधान चुने थे। उसी के बाद से यहां पर एक स्ट्रोंग कर्मचारी यूनियन की शुरूआत हुई। जो पूरे हरियाणा में जानी जाती है।
हीरो मोटोकॉर्प, भारत की सबसे बड़ी मोटरसाइकिल और स्कूटर निर्माता कंपनी है। इसकी स्थापना 1984 में हुई थी और यह उच्च गुणवत्ता वाली वाहनों के लिए जानी जाती है। हीरो के पास विविध उत्पाद रेंज है, जिसमें होंडा के साथ पहले संयुक्त उद्यम का अनुभव भी शामिल है। कंपनी अपने नवाचार और तकनीकी उन्नति के लिए प्रसिद्ध है, इसका वैश्विक वितरण नेटवर्क दक्षिण एशिया, अफ्रीका और अमेरिका तक फैला हुआ है। Hero MotoCorp Dharuhera
जानिए कब बनी युनियन: बता दे हीरी होंडा यानि वर्तमान हीरो मोटा कोर्प धारूहेड़ा में कर्मचारी यूनियन का पहला चुनाव 1990 में हुआ था। वैसे तो कर्मचारी यूनियन 1986 में स्थापित हो गई थी। लेकिन राजनीति के दबाब के चलते कंपनी ओर यूनियन में विवाद हो गया। विवादो के चलते यहां की यूनियन काफी चर्चा में रही।
तीन साल तक चला विवाद: बता दे कर्मचारी यूनियन 1986 में स्थापित हो गई थी लेकिन प्रंबधन ने इसे स्वीकार नहीं किया। यानि युनियन का झंडा लगाने में कर्मचारियो को सफलता नहीं मिली। प्रबधन व कर्मचारियो के बीच विवाद बढता ही चला गया। 1987 में कंपनी में कर्मचारियों को अपनी यूनियन की मांग को लेकर हडताल करने की नौबत आ गई थी। प्रबंधन की ओर से भारी पुलिस तैनात करके माहोल को शांत किया था।
दो प्रधानो की हो चुकी है बलि: हालांकि Hero MotoCorp Dharuhera में कर्मचारी यूनियन काफी सक्रिय रही है। लेकिन कर्मचारियो की फुट के चलते इस यूनियन ने दो प्रधान की बलि देनी पडी हैं यानि दो यूनियन प्रधानो को कंपनी की ओर से निकाला जा चुका है। इसी क बाद से यूनियन से ऐसा सबक लिया कि कर्मचारियो एकता बढती ही चली है। बताया जा रहा कर्मचारियो की आपसी फूट के चलते प्रधान रहे श्रीभगवान व राजबीर चहल को अपनी नौकरी गवानी पडी थी।

















