Uber Auto: यदि आप Uber से ऑटो बुक करते हैं और ऑनलाइन मोड से पेमेंट करते हैं, तो आपको अब से यह तरीका काम नहीं करेगा। मंगलवार (18 फरवरी) से Uber ने अपनी पेमेंट प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब से जब भी आप Uber ऑटो बुक करेंगे, तो आपको यात्रा का भुगतान केवल कैश या UPI के जरिए करना होगा। Uber ऑटो बुकिंग के इंटरफेस पर अब केवल कैश ऑप्शन ही दिखाई देगा।
Uber ने अपनाया SaaS सब्सक्रिप्शन-आधारित मॉडल
Uber ने ऑटो ड्राइवरों के लिए अपनी पुरानी कमीशन-आधारित मॉडल को बदलते हुए एक SaaS (सॉफ़्टवेयर-एज-ए-सर्विस) सब्सक्रिप्शन-आधारित मॉडल को अपनाया है। इसका मतलब है कि अब Uber ड्राइवरों से प्रति यात्रा कोई कमीशन नहीं लेगा। इस बदलाव को लेकर Uber ने अपने ऐप के जरिए उपयोगकर्ताओं को सूचित किया और कहा कि यह बदलाव 18 फरवरी से प्रभावी हो गया है।
SaaS मॉडल के बारे में अधिक जानकारी
Uber के नए SaaS मॉडल में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव हैं। इस मॉडल के तहत Uber केवल एक प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा जो ड्राइवरों और ग्राहकों को जोड़ने का काम करेगा। Uber अब प्रति यात्रा कोई कमीशन नहीं लेगा। इसके अलावा, Uber अब किसी भी प्रकार के कैंसलेशन फीस भी नहीं लेगा। Uber द्वारा सुझाई गई यात्रा दर, लेकिन अंतिम दर ड्राइवर और ग्राहक दोनों के बीच तय होगी।
यह SaaS मॉडल राइड-हेलिंग ऐप्स जैसे Rapido द्वारा पहले ही अपनाया जा चुका है, जो ड्राइवरों को एक सब्सक्रिप्शन प्रदान करते हैं और फिर से Uber ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाया है।
कैसे करें पेमेंट
अब से Uber ऑटो राइड्स का भुगतान सीधे ड्राइवर को करना होगा, और यह केवल कैश या UPI के जरिए किया जा सकता है। UPI पेमेंट के लिए आपको ड्राइवर का UPI ID इस्तेमाल करना होगा। Uber ऐप या Uber क्रेडिट के माध्यम से क्रेडिट/डेबिट कार्ड या UPI पेमेंट का विकल्प अब उपलब्ध नहीं होगा। इसका मतलब है कि जो भी भुगतान आप करते हैं, वह पूरी तरह से ड्राइवर के पास जाएगा और Uber का इसमें कोई हिस्सा नहीं होगा।
आखिर क्यों किया गया यह बदलाव?
Uber ने यह निर्णय लिया है ताकि वह ड्राइवरों को अधिक स्वतंत्रता और कम प्रतिस्पर्धा में नुकसान के बिना काम करने का अवसर प्रदान कर सके। Uber का मानना है कि इस बदलाव से ड्राइवरों को उनकी पूरी कमाई का फायदा मिलेगा, क्योंकि अब ड्राइवरों को Uber से कोई कमीशन नहीं देना होगा। इसके अलावा, जब भुगतान सीधे ड्राइवर के पास जाएगा तो उनकी आय में कोई कटौती नहीं होगी, जो कि उन्हें अधिक लाभकारी हो सकता है।
इस बदलाव के साथ, Uber यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसकी पेमेंट प्रक्रिया ड्राइवरों के पक्ष में हो और उन्हें बेहतर सेवा देने का अवसर मिले। Uber ने बताया कि यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि राइड-हेलिंग इंडस्ट्री में अन्य ऐप्स द्वारा भी सब्सक्रिप्शन-आधारित मॉडल की शुरुआत की गई है, और Uber को यह मॉडल अपनाकर प्रतिस्पर्धा में बने रहना था।
क्या यह बदलाव अन्य राइड-हेलिंग ऐप्स के लिए एक उदाहरण बनेगा?
यह कदम Uber द्वारा अपनी ऑटो बुकिंग सेवा के लिए एक बड़े बदलाव के रूप में सामने आया है। हालांकि, अन्य राइड-हेलिंग कंपनियों जैसे Rapido ने पहले ही इस मॉडल को अपनाया है, लेकिन Uber का यह कदम बड़े पैमाने पर बाजार में प्रभाव डाल सकता है। यह भी देखा जा सकता है कि अन्य कंपनियां भी इस मॉडल को अपनाती हैं, जिससे ड्राइवरों को ज्यादा स्वतंत्रता मिले और उन्हें अपने काम के लिए और अधिक लाभ हो।
Uber का नया मॉडल और उसकी चुनौतियां
Uber का नया मॉडल अपने फायदे और चुनौतियों के साथ आता है। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ड्राइवरों को अब अपनी पूरी कमाई का फायदा मिलेगा, क्योंकि उन्हें कोई कमीशन नहीं देना होगा।
लेकिन इस मॉडल में Uber द्वारा निर्धारित यात्रा दर के अलावा कोई मानक दर नहीं होगी, जिससे यात्रा की लागत में असमानता हो सकती है। ग्राहकों और ड्राइवरों के बीच सहमति होने के बाद ही यात्रा का भुगतान किया जाएगा, जिससे कभी-कभी भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
यह भी देखा जा सकता है कि ग्राहकों के लिए यह नया तरीका पहले की तरह सुविधाजनक नहीं होगा, क्योंकि उन्हें अब डिजिटल पेमेंट विकल्पों की बजाय केवल कैश या UPI से भुगतान करना होगा। इसके अलावा, किसी भी प्रकार की यात्रा कैंसलेशन फीस का न होना Uber के लिए एक चुनौती हो सकती है, क्योंकि इससे वह यात्रा के रद्द होने पर कोई अतिरिक्त राशि नहीं वसूल सकता।
Uber द्वारा ऑटो राइड्स के भुगतान के तरीके में बदलाव से ड्राइवरों के लिए तो फायदा हो सकता है, लेकिन ग्राहकों के लिए यह बदलाव कुछ असुविधाएं पैदा कर सकता है। हालांकि, Uber का यह कदम राइड-हेलिंग इंडस्ट्री में नई दिशा दिखाता है और यह दिखाता है कि कंपनी अपने ड्राइवरों को ज्यादा स्वतंत्रता देने की दिशा में काम कर रही है।
उपभोक्ताओं को अब Uber ऑटो बुकिंग करते समय केवल कैश या UPI के माध्यम से भुगतान करना होगा, और यह बदलाव 18 फरवरी से लागू हो चुका है। इस बदलाव का प्रभाव आने वाले दिनों में अधिक स्पष्ट हो सकता है।

















