Haryana में बढ़ी गर्मी, हिसार में 14 साल का तापमान रिकॉर्ड तोड़ा, गेहूं की फसल पर असर

On: March 22, 2026 10:10 AM
Follow Us:

Haryana में बढ़ते तापमान के कारण लोग गर्मी का अहसास करने लगे हैं। अचानक से तापमान में बढ़ोतरी के कारण हिसार में पिछले 14 साल का गर्मी का रिकॉर्ड टूट गया है। 2011 के बाद से अब तक 10 फरवरी तक इतना तापमान नहीं बढ़ा था।

इस बार हिसार में दिन का तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस और बालसमंद में 29.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस बढ़ते तापमान का असर गेहूं की फसल पर भी देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गर्मी के कारण गेहूं की फसल कमजोर हो सकती है और दाने छोटे हो सकते हैं।

गर्मी का असर गेहूं की फसल पर

गर्मी के बढ़ते प्रभाव से गेहूं की फसल पर नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस गर्मी के कारण गेहूं की फसल में बौनी वृद्धि हो सकती है और दाने कमजोर हो सकते हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को इस मौसम में फसल की देखभाल के लिए कुछ उपाय बताए हैं।

उन्होंने सलाह दी है कि किसान घबराएं नहीं और जब तापमान बढ़े, तो 2 प्रतिशत पोटेशियम और नाइट्रेट का छिड़काव करें। इससे फसल को लाभ मिलेगा और तापमान के प्रभाव से बचाव होगा।

रात्रि तापमान में गिरावट का अनुमान

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. मदन खिचड़ ने कहा कि 12 फरवरी से उत्तर और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के धीमी गति से चलने के कारण रात्रि तापमान में गिरावट की संभावना है। इस दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में सुबह और रात के समय हल्का कोहरा भी हो सकता है, जिससे रात्रि तापमान कम रहेगा। इसके कारण मौसम में ठंडक बढ़ सकती है और गर्मी का असर कुछ कम होगा।

मौसम

Jind में फिर कोहरा

पिछले 10 दिनों के बाद जिंद में फिर से कोहरा देखने को मिला। जनवरी के अंतिम सप्ताह में Jind में कोहरा पड़ा था, जिसके बाद मौसम साफ हो गया था और दिन में सूर्य की किरणें चमकने लगी थीं। सुबह हल्की ठंडक थी, लेकिन कोहरा नहीं था। लेकिन मंगलवार की सुबह 4 बजे अचानक कोहरा घना हो गया।

सुबह 7 बजे तक कोहरे के कारण दृश्यता 10 मीटर से भी कम हो गई थी। इस कारण वाहन धीमी गति से चल रहे थे और अपनी लाइट्स जलाकर चलते रहे। हालांकि, 8 बजे के बाद कोहरा हल्का हुआ और 9 बजे के बाद सूरज की किरणें फिर से दिखाई देने लगीं।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

  1. पानी की कमी से बचें: किसान गेहूं की फसल में पानी की सही मात्रा का ध्यान रखें। अत्यधिक गर्मी के कारण फसल को पर्याप्त पानी मिलना जरूरी है।
  2. उपयुक्त छिड़काव करें: कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को पोटेशियम और नाइट्रेट का 2 प्रतिशत मिश्रण छिड़कने की सलाह दी है, ताकि फसल को गर्मी के प्रभाव से बचाया जा सके और इसकी वृद्धि बनी रहे।
  3. कोहरे का फायदा उठाएं: ठंडे मौसम में कोहरा फसल के लिए फायदेमंद हो सकता है, इसलिए किसानों को इससे घबराने की बजाय इसे प्राकृतिक सिंचाई के रूप में समझना चाहिए।

मौसम में होने वाली अचानक तबदीलियों से बचाव के उपाय

हरियाणा में मौसम के उतार-चढ़ाव से किसानों को फसल पर बड़ा असर पड़ सकता है। ऐसे में मौसम विज्ञान विभाग की सलाह पर अमल करना जरूरी है। किसानों को अपने खेतों की देखभाल और फसल की सुरक्षा के लिए मौसम के अनुसार उपायों का पालन करना चाहिए। अगर मौसम में अचानक बदलाव आता है, तो किसानों को अपने खेतों में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए और समय-समय पर विशेषज्ञों से परामर्श लेते रहना चाहिए।

हरियाणा में तापमान में अचानक बढ़ोतरी के कारण लोग गर्मी का सामना कर रहे हैं, और गेहूं की फसल पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। हालांकि, कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, किसान घबराएं नहीं और उचित कदम उठाकर अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं। साथ ही, रात्रि तापमान में गिरावट का अनुमान है, जिससे किसानों को राहत मिल सकती है। मौसम में होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहकर किसान अपनी फसल को बेहतर तरीके से बचा सकते हैं।

Harsh

हर्ष चौहान पिछले तीन साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है। मै बतौर औथर कार्यरत हूं

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now