Haryana news: हरियाणा के मुख्यमंत्री नैब सिंह सैनी ने गुरुवार को घोषणा की कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत राज्य की सभी महिला सरपंचों या ग्राम प्रधानों को उनके संबंधित गांवों का ब्रांड एंबेसडर बनाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए इस अभियान में महिला सरपंचों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री का बयान और उद्देश्य
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा लिंग अनुपात में सुधार के लिए चलाए जा रहे कदमों की पूरे देश में सराहना हो रही है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह भी कहा कि महिला सरपंचों को ब्रांड एंबेसडर बनाना इस अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।
हरियाणा में लिंग अनुपात की स्थिति
हरियाणा में लंबे समय से लिंग अनुपात की स्थिति चिंता का विषय रही है। हालांकि, हाल के वर्षों में इसमें सुधार हुआ है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार, हरियाणा का लिंग अनुपात 2015-16 में 900 था, जो 2019-21 में बढ़कर 926 हो गया। यह सुधार राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों का परिणाम है।

महिला सरपंचों को ब्रांड एंबेसडर बनाने का उद्देश्य
मुख्यमंत्री सैनी का मानना है कि नेतृत्व में महिलाओं को बढ़ावा देकर लिंग भेदभाव को खत्म किया जा सकता है। महिला सरपंचों को उनके गांवों का ब्रांड एंबेसडर बनाना ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती देने वाला कदम है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भूमिका और सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार के प्रयास
हरियाणा सरकार पहले से ही महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनमें प्रमुख हैं:
- सक्षम योजना: इस योजना के तहत बेटियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- लाड़ली योजना: बेटियों के जन्म पर परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है।
- सुकन्या समृद्धि योजना: बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बचत योजना।
महिला नेतृत्व को बढ़ावा
महिला सरपंचों को ब्रांड एंबेसडर बनाकर मुख्यमंत्री सैनी ने यह संदेश दिया है कि समाज में महिलाओं को समान अवसर दिए जाने चाहिए। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनाएगी बल्कि समाज में लिंग समानता और जागरूकता बढ़ाने में भी मदद करेगी।
‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत महिला सरपंचों को उनके गांवों का ब्रांड एंबेसडर बनाना हरियाणा सरकार का सराहनीय कदम है। इससे महिलाओं के सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। इस तरह के कदम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ महिलाओं को नेतृत्व के लिए प्रेरित करेंगे।
















